25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मेरे डर से नहीं बल्कि दुनिया की शांति के लिए उत्तर कोरिया ने मिसाइलों का प्रदर्शन नहीं किया: ट्रंप

उत्तर कोरिया ने अपनी स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ पर सैन्य परेड के दौरान अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल नहीं किया, अमरीकी राष्ट्रपति ने इसे सराहनीय बताया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 10 Sep 2018, 9:11 AM IST

korea

मेरे डर से नहीं बल्कि दुनिया की शांति के लिए उत्तर कोरिया ने मिसाइलों का प्रदर्शन नहीं किया: ट्रंप

वॉशिंगटन। उत्तर कोरिया ने अपनी स्थापना दिवस की 70 वीं वर्षगांठ पर शनिवार को सैन्य परेड का आयोजन किया। मगर इस दौरान उसने अपने शक्ति प्रदर्शन को अहमियत नहीं दी। उत्तर कोरिया ने इस खास मौके पर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल नहीं किया। इस पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी खूब सराहना की है। दरअसल ये मिसाइलें अमेरिका के मुख्य भूभाग तक मार करने में सक्षम हैं। सैन्य दिवस के मौके पर प्योंगयांग में किम जोंग उन के समक्ष जवानों ने तोपों और टैंकों का प्रदर्शन किया ,लेकिन किसी प्रकार के परमाणु हथियारों के साथ शक्ति प्रदर्शन नहीं किया।

दुनिया को काफी सकारात्मक संदेश दिया

अमरीकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने ऐसा ट्रंप को दिखाने के लिए किया। मगर ऐसा नहीं हैं, इस कदम से उत्तर कोरिया ने दुनिया को काफी सकारात्मक संदेश दिया है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर कोरिया ने आज अपने संस्थापना दिवस की परेड में पंरपरागत परमाणु मिसाइल्स का प्रदर्शन नहीं किया, जो एक सराहनीय कदम है। एक अन्य ट्वीट में राष्ट्रपति ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम- जोंग को शुक्रिया भी कहा। उन्होंने कहा कि किम हम सबको गलत साबित कर देंगे। दो लोग जो एक-दूसरे को बेहद पसंद करते हैं उनके बीच हुई अच्छी बातचीत से बेहतर कुछ भी नहीं। मेरे कार्यकाल से पहले की स्थिति से तुलना में यह काफी बेहतर है।

ट्रंप के साथ बैठक का सम्मान करते हैं

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से उत्तर कोरिया हर बार अपने स्थापना दिवस पर परमाणु हथियारों के साथ शक्ति प्रदर्शन करता रहा है। इसे लेकर पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया ने हमेशा विरोध किया है। उसने वैश्विक मंच पर उत्तर कोरिया की हरकतों पर निगरानी रखने को कहा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मौके पर किम ने कहा कि उत्तर कोरिया सिंगापुर में हुई अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक का सम्मान करता है और इसलिए हमने ऐसे कदम उठाए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका भी हमारा सहयोग करेगा और महाद्वीप के मुद्दे पर राजनैतिक सुधार की प्रक्रिया को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाएगा।