
अमरीका ने यमन में युद्ध खत्म करने का आह्वान किया, कहा- 30 दिनों में खत्म हो लड़ाई
न्यूयार्क। अमरीका ने यमन में जारी गृह युद्ध खत्म करने का आह्वान करते हुए मांग की है कि अगले 30 दिनों में लड़ाई खत्म हो जानी चाहिए। रक्षा सचिव जिम मैटिस और राज्य सचिव माइक पोम्पियो ने यमन गृहयुद्ध में शामिल सभी प्रतिभागियों से अगले 30 दिनों में युद्धविराम के लिए सहमत होने को कहा। वाशिंगटन में यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में एक कार्यक्रम में मैटिस ने कहा, "अब से तीस दिन की सीमा के भीतर हम चाहते हैं कि सभी पक्ष युद्द से पीछे हट जाएं। सेना की वापसी के आधार पर युद्धविराम का फैसला किया जाएगा। उसके बाद संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफिथ्स अपना आगे का काम करेंगे।"
यमन में खत्म हो गृहयुद्ध
मैटिस की राय से इत्तेफाक रखते हुए अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, "संयुक्त राज्य अमरीका, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफिथ्स को यमन में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान खोजने में सहायता करने के लिए सभी दलों का आह्वान करता है।" पोम्पियो ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत को नवंबर में किसी तीसरे देश की सहायता से परामर्श खोजना चाहिए।" मैटिस और पोम्पियो दोनों ने जोर देकर कहा कि अमरीका समर्थित सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और ईरानी-गठबंधन हौती दोनों को अपने हवाई और मिसाइल हमलों को रोक देना चाहिए।
लड़ाई के खात्मे का समय
अमरीकी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह समय अब शत्रुता के समापन के लिए है। उन्होंने कहा कि पहले हौती विद्रोहियों के मिसाइल और यूएवी हमले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्रों में बंद हो जाने चाहिए, इसके बाद यमन के सभी आबादी वाले इलाकों में अमरीकी गठबंधन के हवाई हमले बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "हमें यहां एक शांति प्रयास की ओर बढ़ना है, और आप यह नहीं कह सकते कि हम इसे भविष्य में करने जा रहे हैं। हमें अगले 30 दिनों में ऐसा करने की ज़रूरत है।"
बता दें कि यमन में हौती विद्रोहियों से लड़ने वाले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के कार्यकर्ताओं की मदद करने के लिए अमरीकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने ट्रम्प प्रशासन की आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति के अध्यक्ष और सीईओ डेविड मिलिबैंड ने पोम्पियो के बयान को "चार साल तक यमन में युद्ध में सबसे महत्वपूर्ण सफलता" कहा। मिलिबैंड ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि युद्धविराम के लिए इस कॉल का पालन किया जाए, और राजनीतिक प्रक्रिया के समर्थन की मांग की जाए।"
Updated on:
31 Oct 2018 09:36 am
Published on:
31 Oct 2018 09:32 am
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