
मुरादाबाद: यात्री ट्रेनों में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए जीआरपी अब विशेष अभियान चलाएगी। जिसमें जीआरपी कर्मियों के साथ ही अब आम यात्री भी मददगार बनेगा। जी हां इसके लिए खुद जीआरपी प्लान बनाकर काम करेगी। ये जानकारी आज मुरादाबाद पहुंचे एडीजी रेल बी मौर्या ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने मुरादाबाद मंडल के सभी अधिकारीयों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए। वहीँ उन्होंने इस दौरान ट्रेनों में बिना मान्य टिकट के यात्रियों को अरक्षित कोच में टीटीई द्वारा बैठाने पर रोकथाम की भी बात कही।
सूबे में रोजाना सफर करने वाले बीस लाख यात्रियों की सुरक्षा के लिए महज पांच हजार पुलिस कर्मियों को ट्रेनों में स्कार्ट के लिए भेजा जाता है। ऐसे में आने वाले समय में जीआरपी अब यात्रियों की मदद लेकर अपराध नियंत्रण का फार्मूला लागू करने जा रही है। एडीजी रेलवे बी.मोर्या नेजीआरपी कर्मियों को अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी दिशानिर्देश दिए।
एडीजी रेलवे ने पुलिस कर्मियों को यात्रियों से मित्रवत व्यहवार कर अपराधियों की कुंडली बनाने का सुझाव दिया। एडीजी ने सभी थाना प्रभारियों और ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को ट्रेनों में लगातार गश्त करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को मोबाइल नम्बर देकर सूचनाओं को ज्यादा प्रभावी बनाने का आदेश दिया। बैठक में सभी सिपाहियों को टारगेट दिया गया है कि अपने आस-पास रहने वाले बदमाशों पर हर समय नजर रखी जाए और बदमाशों की जानकारी करने के लिए बदमाशों के खिलाफ रहने वाले उनके दुश्मनों की मदद ली जाय।
बीते छह महीने में 119 बदमासों पर गैंग्स्टर एक्ट की कार्रवाई कर बदमाशों को जेल भेजा गया जबकि 19 इनामी बदमासों को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। इस दौरान जीआरपी द्वारा लूट और जहरखुरानी गिरोह से जुड़े कई अपराधियों पर कार्रवाई की गई।
एडीजी रेलवे द्वारा ट्रेनों में अपराधियों के अपराध करने के तरीकों को लेकर डीआरम मुरादाबाद मंडल से भी बैठक के दौरान बात की। एडीजी ने डीआरम से टीटीई द्वारा जनरल टिकट पर ट्रेन में आरक्षित सीट दिलाने को लेकर नियमों में लाहपरवाही बरतने की शिकायत की। ट्रेनों में टीईटी द्वारा जनरल टिकट पर एसी कोच में पैसे लेकर सीट दिला दी जाती है, और ऐसे यात्रियों से कोई पहचान पत्र नहीं लिया जाता। ऐसे में कई घटनाओं का जिक्र करते एडीजी रेलवे ने कहा कि पहचान ना होने के चलते ऐसे यात्री ट्रेनों में अपराध को अंजाम देकर फरार हो जाते है और जीआरपी उनको ट्रैस नहीं कर पाती।
वहीँ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बदमासों के एनकाउंटर करने के सवाल पर एडीजी रेलवे ने कहा कि कोई चोर चोरी करके भागेगा तो उसका पीछा किया जाएगा। लेकिन अगर वो गोली चलाएगा तो उसको जबाब भी दिया जाएगा। हालांकि एडीजी ने यह भी कहा की किसी भी कार्रवाई से पहले सभी तथ्यों की पूरी जांच होनी चाहिए ।
जीआरपी द्वारा आने वाले समय में जेल में बंद अपराधियों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। साथ ही स्टेशन पर रहने वाले सैकड़ों लोगों के पुनर्वास को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। एडीजी बी. मोर्या ने कहा कि रेलवे की ज्यादातर ट्रेनों में स्टाफ की कमी के चलते सुरक्षा देने में दिक्क्क्त हो रही है। और लगभग चालीस फीसदी ट्रेनें बगैर सुरक्षा कर्मियों के चल रही है। इसलिए अब यात्रियों की भी मदद ली जाएगी।
Published on:
11 Apr 2018 04:10 pm
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