
मुरादाबाद: अभी खेतों में पकी फसल देखकर किसान मुस्कुरा ही रहा था कि, सोमवार को आसमान से बरसे कुदरत के कहर ने उसकी मुस्कान छीन ली है। जी हां जनपद की सभी तहसीलों में बड़े पैमाने पर गेंहू की फसल को नुकसान हुआ है। पकी हुई फसल लौट गयी है। वहीँ रुक रुक कर बन रहे बारिश के आसार ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। क्यूंकि ज्यादातर किसानों का गेंहू अभी खेतों में ही खड़ा है और कटाई भी धीमे चल रही है। उधर इस आंधी बारिश से आम की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। लेकिन उसकी भरपाई की उम्मीद जताई जा रही है।
यहां बता दें कि इस बार गेंहू की फसल रिकॉर्ड तोड़ हुई है। वजिससे किसान के साथ साथ सरकार भी काफी राहत महसूस कर रही थी। इसीलिए इस बार गेंहू का समर्थन मूल्य 1300 से ऊपर रखा गया था। लेकिन कटाई से ऐन पहले आसमानी बारिश ने सब फीका कर दिया। बिलारी में राजपाल सैनी ने बताया की उनकी आधी से ज्यादा फसल बारिश में पलट गयी। जिसकी भरपाई मुश्किल है। कुछ यही हाल अन्य तहसीलों के किसानों का भी है। इसके पीछे किसानों ने बताया की बड़े फ़ार्म हाउस पर गेंहू तो मशीनों से कट जाता है और आम किसान अभी हाथों से फसल काटते हैं। इसलिए उनका नुकसान ज्यादा है।
उधर जिला उद्यान अधिकारी अनिल कुमार ने आम की फसल को लेकर बताया कि बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। बारिश से तो आम की फसल को फायदा हुआ है। लेकिन आंधी से पन्द्रह फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है। आकलन किया जाएगा। उसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जायेगी।
वहीँ अभी तक स्थानीय अधिकारीयों ने भी किसानों की फसल के नुकसान का जायजा लेने और उन्हें मुआवजा दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। किसान नेता ऋषिपाल सिंह ने बताया कि किसान बेहद परेशान है। अभी तक तो मिलों पर गन्ने का बकाया था,उसे गेंहू से उम्मीद थी। लेकिन बारिश से अच्छा ख़ासा नुकसान हो गया। सरकार को फ़ौरन किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
Published on:
10 Apr 2018 06:29 pm
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