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अमरोहा: अधिकारियों को सस्पेंड करने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये खाया

सरस्वती शिशु मंदिर में रात्रि प्रवास कर शुक्रवार सुबह छह बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आंख खुली
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मुरादाबाद

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Rahul Chauhan

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Updated: 27 Apr 2018, 3:13 PM IST

cm yogi

अमरोहा। सूबे का हाल जानने निकले योगी आदित्यनाथ कल कुशीनगर हादसे के चलते अमरोहा में साढ़े पांच घंटा देरी से पहुंचे। सीएम योगी सुबह की समीक्षा बैठक निरस्त करने के साथ सीधे हसनपुर पहुंचे और यहां जनसभा को संबोधित किया। उसके बाद मुख्यमंत्री ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

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साथ ही सरकार उनके लिए कौन-कौन सी योजनायें चला रही है, ये भी बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दलित महिला प्रधान के घर भोजन भी किया। दरअसल गुरुवार को सैदनगली के सरस्वती शिशु मंदिर में रात्रि प्रवास कर शुक्रवार सुबह छह बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आंख खुली। इसके बाद उन्होंने शौच आदि से निवृत्त होकर योग किया। साढ़े सात बजे गाय के देशी घी का पराठा, दलिया, पोहा व अखरोट व तुलसी का काड़ा पिया। इसके बाद फिर चुनिंदा लोगों से मिले। इस दौरान उन्होंने सरस्वती शिशिु मंदिर में नए भवन माधव सभागार का भूमि पूजन किया। उसके बाद समीक्षा बैठक की। उसके बाद काम में लापरवाही को लेकर उन्होंने एडी हेल्थ के स्थान्तरण का आदेश दिया। इसके बाद शिकायत पर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को भी नोटिस।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैदनगली गांव में पहुंच कर चौपाल लगायी और सीधे-सीधे गांव की जनता से रूबरू होकर देशी अंदाज में गांव वासियों से संवाद किया।जनता के बीच मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह भी जाना कि किन-किन लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जिन लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिला, उनके लिए योगी ने सीएमओ, समाज कल्याण अधिकारी एवं ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी को मंच पर बुलाया और निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर कैंप लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दें।

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इस दौरान उन्होंने कहा की पूर्व की सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ भेदभाव किया। उनकी सरकार का मकसद सबका साथ सबका विकास है। कुछ लोग इसे दूसरी तरह से देख रहिब है। लेकिन उनके लिए गांव और गरीब महत्वपूर्ण है। इसलिए उनके बीच पहुंचकर विकास कार्यों की हकीकत और सरकार की योजनाओं की जानकारी ली जा रही है।

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दरसल मेहंदीपुर गांव में ज्यादा तर जनसंख्या अनुसूचित जाति के लोगों की है। इसके अलावा यहां मुस्लिम आबादी भी है। इसलिए भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए इस गांव को चयनित किया गया। साथ ही विपक्षियों में भी ये सन्देश दिया गया कि वे भाजपा को दलित और मुस्लिम विरोधी बताते रहे हैं। गांव में विकास कार्य न के बराबर ही हुए थे। न ही सड़कें ठीक थीं और न नालियां।लेकिन बीते एक सप्ताह में इतना काम हो गया जोकि कई सालों में नहीं हुआ था।