
मुरादाबाद: जनपद के गलशहीद थाना क्षेत्र में आज प्रशासन और ड्रग्स विभाग की टीम ने एक नकली दवा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। डीके फार्मा नाम की इस दवा फैक्ट्री में जब टीम ने छापेमारी की तो छापामार टीम के भी होश उड़ गए। फैक्ट्री में बड़ी संख्या में दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। दो दर्जन से ज्यादा महिलाए ओर पुरुष दवाई बनाने के काम में जुटे थे। फैक्ट्री में लाखों की तादात में गोलियां, कैपशूल ओर पाउडर मशीनों से तैयार किया जा रहा था। पुलिस, प्रशासन और ड्रग्स विभाग की टीम को फैक्ट्री से दर्जनों नामी कम्पनियों के रैपर ओर होलोग्राम भी मिले है।
डीके फार्मा नाम की इस दवा फैक्ट्री को अधोमानक मानते हुए ड्रग्स विभाग ने तीन महीने पहले इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। लेकिन फैक्ट्री मालिक ने प्रशासन के आदेश को दरकिनार कर दवाइया बनाने का काम जारी रखा। मुखबिर की सूचना पर आज मुरादाबाद मंडल के पांच जिलों के ड्रग्स इंस्पेक्टरों ने फैक्ट्री में छापा मारा और दवाइयों का जखीरा बरामद कर लिया। फैक्ट्री में मौजूद दस्तावेज के बाद ड्रग्स विभाग को दवाइयों के पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सफ्लाई करने की जानकारी मिली है। जिसके बाद अलीगढ़, बरेली, बदायू, शाहजहांपुर, आगरा जनपद के प्रशासन को सूचित कर बाजार में उपलब्ध दवाइयों को बरामद करने को कहा है।
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ड्रग्स विभाग ने फैक्ट्री में बनी सभी दवाइयों, कच्चे माल, तैयार दवाइयों को कब्जे में ले लिया है। फैक्ट्री में मिली दवाइयों को नकली माना जा रहा है और फैक्ट्री में मौजूद पांच दवाइयों के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए है। बरामद दवाइयों में कई दवाइया जीवनरक्षक भी थी। सहायक आयुक्त ओषधि नियंत्रक आर पी पाण्डेय का कहना है कि प्रथम दृष्टया दवाइया संदिग्ध है और मानकों का पालन नःही किया गया है। भारी संख्या में दवाइया बरामद होने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट रामजी लाल ने दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है और उन्होंने बताया कि फैक्ट्री को सीज किया जा रहा है।
Updated on:
15 Feb 2018 10:05 pm
Published on:
15 Feb 2018 09:29 pm
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