
नोएडा। उत्तर प्रदेश में जहां आए दिन एनकाउंटर हो रहे हैं वहीं आपको बता दें कि पुलिस प्रशासन में इन दिनों लाखों पुलिस क्रमियों की कमी है। दरअसल, नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित पुलिस इंडस्ट्री मीट में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारा प्रयास है कि कैसे प्रदेश में विकास किया जाए।
समस्याएं भी बहुत हैं। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो पुलिस से संबंधित हैं और कुछ ऐसी हैं जो प्रशासन स्तर की हैं। हालांकि जहां भी पुलिस की जरूरत होगी वहां मदद की जाएगी और लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में 4 लाख 34 हजार के निर्धारित बल में से हमारे पास 2 लाख 14 हजार पुलिस कर्मी की कमी है। हालांकि हम अगले एक साल में 75 फीसदी के करीब पुलिस कर्मियों की भर्ती कर लेंगे।
गौतमबुद्धनगर जैसे जिले में मात्र 200 ट्रैफिककर्मी हैं। लेकिन अगर नोएडा में तैनात पुलिस बल को देखा जाए तो वह अन्य जिलों के मुकाबले अधिक है। हम अन्य जगहों से बल यहां तैनात करते हैं। गुरुवार को जो भी समस्याएं यहां रखी गई हैं, उन पर कहना चाहूंगा कि जिले में समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। फिर चाहे अतिक्रमण की समस्या हो या फिर ट्रैफिक जाम की, सभी को दुरुस्त किया जाएगा।
यहां उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और जिस तरह अब प्रदेश में माहौल बदल रहा है वह आगे इसी तरह बदलता रहेगा। अगर किसी की समस्या है तो उस पर तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फोर्स की कमी का समाधान जल्द ही होगा। हमारे जो मामले कोर्ट में फंसे हुए थे उनका निस्तारण हो चुका है। अब जल्द ही भर्ती की जाएगी। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक कर्मियों को दिए जाने वाले वाहनों की मेंटिनेंस पर कहा कि भविष्य में इसके बजट पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आज इस गोष्ठी का आयोजन किया गया है, जिसमें इंडस्ट्रिलिस्ट की समस्याओं पर बात की जाए। इसके पीछे शासन की बहुत बड़ी मंशा है। आप देख और अनुभव कर रहे हैं कि वर्तमान शासन एक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रगतिशील मंशा के साथ चल रहा है। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि अधिकारी भी पारदर्शिता के साथ काम करें।
Updated on:
15 Feb 2018, 6:24 PM IST
Published on:
15 Feb 2018, 6:19 PM IST
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