
Food of substandard quality will not be sold at 150 stations of Moradabad division
मुरादाबाद मंडल में आने वाले 26 जिलों में डेढ़ सौ से ज्यादा स्टेशनों पर बिकने वाली खाद्य सामग्री को लेकर कड़ाई करने का फैसला लिया गया है। यानी अब इन स्टेशनों पर बिकने वाला घटिया क्वॉलिटी का फूड नहीं बिक सकेगा। ये फैसला खासतौर से पीला रंग डालकर बिकने वाले ब्रेड पकौड़े और पकौड़ी के लिए लिया गया है। रेल प्रशासन की तरफ से साफ कहा गया है कि स्टेशनों पर अब से खराब गुणवत्ता वाला खाना किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा। वहीं रेल प्रशासन के इस निर्देश के बाद फूड इंस्पेक्टर भी सक्रिय हो गए हैं। फूड इंस्पेक्टर सभी प्रमुख स्टेशनों पर बिकने वाली खाने-पीने की चीजों की सैंपलिंग करेंगे। यदि फूड का टेस्ट पाया जाता है तो तुरंत उसपर रोक लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे महंगाई में ज्यादा मुनाफा कमाने वाले वेंडरों पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही यात्रियों को अच्छी क्वॉलिटी का फूड मिल सकेगा।
घटिया खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक
गौरतलब है कि मुरादाबाद मंडल में उत्तराखंड की सीमा तक 26 जिलों के करीब डेढ़ सौ से ज्यादा स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर बिकने वाली खाने-पीने वाली चीजों में मिलावटी की शिकायत के बाद रेल अफसर ने मामले को गंभीरता से लिया है। रेलवे ने फूड आइटम यात्रियों को बेचे जाने को लेकर निगरानी शुरू कर दी है। जिसमें पता चला कि यात्रियों को बिक रही खाद्य सामग्री मानक के अनुरुप नहीं है। विशेषकर ब्रेड पकौड़े, पकौड़ी में जमकर मिलावट की जा रही है। इसी बीच स्वचछता पखवाड़े के बीच रेलवे ने घटिया खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने पर खास फोकस किया है। इसी क्रम में ब्रेड पकौड़े-पकौड़ी जैसे खुले आइटमों को बेचने सख्ती कर दी।
उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई
वहीं इस सख्ती का नतीजा यह निकला कि रेलवे स्टेशनों पर केटरिंग स्टॉल व वेंडरों ने अपने खानपान मेन्यू से पकौड़े-पकौड़ी हटा लिए हैं। इसकी जगह समोसे की बिक्री बढ़ा दी गई है। वहीं कुछ स्टॉल संचालकों ने कार्रवाई के डर से खाने का सामान बनाने व रखने से इंकार कर लिया। मुरादाबाद, सीनियर डीसीएम, सुधीर सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर खराब क्वॉलिटी वाले पकौड़े और पकौड़ी बेची जा सकेगी। इसके लिए निगरानी भी की जा रही है। यदि कोई रेलवे के दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि ये सख्ती खुली सामग्री में मिलावट की शिकायत मिलने के बाद की जा रही है।
Updated on:
23 Sep 2022, 10:24 AM IST
Published on:
23 Sep 2022, 10:23 AM IST
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