
मुरादाबाद. स्थानीय रोडवेज प्रबन्धन द्वारा भैया दूज पर शहर में यात्रियों के लिए पर्याप्त बसों के इंतजाम के दावे खोखले साबित हुए। इसका नतीजा ये हुआ कि बड़ी संख्या में यात्रियों को बसें समय से नहीं मिलीं। हालांकि, रोडवेज प्रबंधन के पहले से इस तरह की भीड़ की पूरी आशंका थी। इसी को देखते हुए खुद क्षेत्रीय प्रबन्धक अतुल जैन ने 150 अतिरिक्त बसें लगाने की भी बात कही थी, जोकि लोकल रूट पर ही चलनी थी। दावे जमान पर नहीं उतरने की वजह से लोकल रूट की बसें यात्रियों के मुकाबले बेहद कम पड़ गई। इस कारण यात्रियों को सफर के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शहर के पीतल नगरी डिपो और मुरादाबाद डिपो से बसों को भेजने की वयवस्था स्थानीय रोडवेज प्रबन्धन ने की थी। ताकि भैया दूज पर यात्रियों को कोई दिक्कत न हो। इन में दिल्ली, अमरोहा, गजरौला और हरिद्वार के लिए मुरादाबाद डिपो से बसों का इंतजाम किया गया था। वहीं, रामपुर, बरेली और लोकल रूट संभल, चंदौसी के लिए पीतल नगरी डिपो से व्यवस्था की गई थी। भीड़ का आलम ये था कि लोगों को बसों के दरवाजे के बजाय खिड़कियों का सहारा लेना पड़ा। यही नहीं यात्रियों को किस रूट पर कौन से बस कितने बजे मिलेगी, इसके लिए भी कर्मचारी पूछताछ विंडो पर नहीं थे।
चंदौसी जा रही महिला सावित्री ने बताया कि वो सुबह करीब ग्यारह बजे से रोडवेज पर बस का इन्तजार कर रही है, लेकिन एक बजे तक चंदौसी की ओर जाने वाली बस का अता-पता नहीं था। हैरानी इस बात की थी कि जिन रूटों के यात्री रोडवेज पर मौजूद नहीं थे, उनकी बसें ज्यादा थीं। कहा ये भी जा रहा था कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से बस उपलब्ध हो पाएगी। दोनों ही बस स्टेशन पर शनिवार को अव्यवस्थओं के अड्डे बन गए। दिल्ली रूट और हरिद्वार रूट पर भी बसों की संख्या कम थी। इसके आलावा रोडवेज प्रबंधन का बस स्टैंड पर सुविधाओं का दावा भी खोखला निकला। दोनों ही स्टैंड बिना सुरक्षा के मिले। सबसे जयादा हैरानी पीतल नगरी डिपो पर हुई। यहां तो यात्रियों के लिए तीन शेड भी नहीं था, लिहाजा, ज्यादातर यात्री धुप में ही भागमभाग करते नजर आए।
Published on:
21 Oct 2017 05:38 pm
