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अस्पताल मरीजों के लिए सुविधाएं डॉक्टरों के लिए…

इस अस्पताल में मरीजो को साथ में ले जाना होता है अपना पंखा

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archana kumari

Jul 21, 2016

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मुरादाबाद/गजरौला
। उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी योजनाओं वा सरकारी सुविधाओं को लेकर कितना भी ढोल पीटे नतीजा जीरो ही है। सरकार द्वारा स्वस्थ सेवा में मरीजो के लिए हर सुविधा की बात करती है लेकिन गजरौला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का तो हाल ही कुछ और है। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी में सरकारी अस्पताल में मरीजो की बड़ी दुर्दशा है। यहां पर मरीजो को अपने साथ हाथ के पंखे लेकर आना पड़ता है।


डाक्टरों के लिए इन्वटर पर मरीजो के कुछ नहीं


बिजली ना होने पर डॉक्टर के कमरों में तो इन्वटर की सुविधा है पर अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए बिजली की कोई सुविधा नहीं है। महिला वार्ड में पंखे है पर कुछ पंखे खराब है ऐसा ही हाल है ओपीडी का जहां बाहर लगे पंखे खराब है।अस्पताल में जरनेटर है पर लाइट जाने पर चलाया नहीं जाता मरीजो के साथ आये परिवार वाले ही हाथ वाले पंखे से हवा करते रहते हैं।


मरीजो को इलाज कराने के लिए करना पड़ता है बिजली का इंतजार


महिला वार्ड में तीन दिन से भर्ती आदेश ने बेटी को जन्म दिया पर जिस बेड़ पर वह लेटी है उसके ऊपर छत में लगा पंखा खराब है बेड के बराबर में खिड़की ही हवा का सहारा है। वहीं एक और पेशेंट शीतल ने बताया कि यहां लाईट का कोई भरोसा नहीं है पिछले दो घंटे से लाईट नहीं है गर्मी का बुरा हाल है। वहीं, अपनी पत्नी को लेकर आये परविंदर काफी देर से इस इंतजार में बैठे हैं कि कब बिजली आए और उनकी पत्नी का एक्सरे हो। वहीं,एक्सरे रूम के डॉक्टर प्रदीप का कहना है कि जरनेटर है पर चलाने वाला नहीं है लाईट आने पर ही एक्सरे होगा और बाकि सवालो का जबाब चिकित्सा अधिकारी देंगे।


डाक्टर ने कहा हर किसी को तो नहीं मिल सकती सुविधा


चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर दिनेश खत्री का सीधा जवाब था कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को में पंखे की हवा नहीं दे सकता इन्वटर है वह डॉक्टर के कमरों के लिए है महिला वार्ड में भी इन्वटर की सुविधा है। यह बताने पर की महिला वार्ड में यह सुविधा नहीं तो जवाब था खराब हो गयी होगी। डॉक्टर साहब ने बड़े ही गर्व से बताया कि अस्पताल में 65 केवीपीएस का जरनेटर है पर हर समय जरनेटर नहीं चलाया जा सकता।

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