
मंदिर-मस्जिद में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर भड़की हिंसा, दो समुदायों में पथराव और फायरिंग, एक की मौत
रामपुर. मंदिर और मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने भले ही प्रशासन को गाइडलाइन जारी करते हुए कानून का पालन करवाने की बात कही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। ताजा मामला रामपुर का है जहां लाउडस्पीकर को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई। इस दौरान जमकर पथराव और फायरिंग हुई। इस खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद मृतक पक्ष के लोगों ने जमकर हंगामा किया। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पीएसी को तैनात कर दिया गया है।
दरअसल, मामला रामपुर जिले की कोतवाली टांडा की सैदनगर चौकी का है। बताया जा रहा है कि यहां के रहने वाले एक व्यक्ति ने मंदिर पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर ढाई महीने पहले दूसरे समुदाय के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी। इस शिकायत में पीड़ित ने कहा था कि जब मस्जिद में नमाज होती है तभी तेज आवाज के साथ मंदिर में भी लाउडस्पीकर बजाया जाता है। मना करने के बावजूद दूसरा पक्ष नहीं मानता है, जिसके बाद कोतवाली टांडा की सैदनगर चौकी में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद दूसरा पक्ष उससे रंजिश रखने लगा और इसी रंजिश के कारण करीब 8 लोगों ने गांव के गलियारे में घेरकर उस पर हमला कर दिया। इस दौरान जमकर पथराव और फायरिंग हुई।
पथराव और फायरिंग की खबर सुनते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने घायल की नाजुक हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे नगर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिवार वालों ने पुलिस वालों के खिलाफ जमकर हंगामा किया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। देर रात मृतक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए तहरीर दी।
इस मामले में कोतवाल जीत सिंह ने बताया कि घटना को लेकर गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे इसके लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पोस्टमार्टम हाउस पर भी पुलिस फोर्स मौजूद है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। कुछ लोगों को अभी हिरासत में भी लिया गया है। बाकी आरोपी जैसे ही गिरफ्तार होते हैं उन्हें तुरंत न्यायालय में पेश किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
29 Sept 2018 12:02 pm
Published on:
29 Sept 2018 12:02 pm
