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अमरोहा में बैठक के दौरान इस बात पर आगबबूला हो गए सीएम, दो अधिकारी ऑन द स्पॉट सस्पेंड

कैराना और नूरपुर उपचुनाव से पहले अमरोहा में हुई समीक्षा बैठक के दौरान एक्शन मोड में नजर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुरादाबाद

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sharad asthana

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Updated: 27 Apr 2018, 2:28 PM IST

amroha

अमरोहा। कुशीनगर में हुए हादसे के बाद गुरुवार शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अमरोहा पहुंचे। कैराना और नूरपुर उपचुनाव से पहले वह एक्शन मोड में नजर आए। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की बैठक में दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। यहां हुई समीक्षा बैठक के दौरान ओडीएफ का काम पूरा करने के झूठे दावे करने के आरोप में उन्होंने डीपीआरओ को सस्पेंड कर दिया। उनके अलावा एडीओ पंचायत को भी सस्पेंड किया गया है। अमरोहा से भाजपा सांसद ने इस निलंबन की पुष्टि है।

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समीक्षा बैठक में ली कार्याें की जानकारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार शाम को जनपद अमरोहा के दौरे पर तहसील हसनपुर पहुंचे। रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने शुक्रवार सुबह 9 बजे अमरोहा कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्याें की समीक्षा बैठक शुरू की। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास कार्याें की समीक्षा कर रहे थे, उसी समय सीएम के तेवर अधिकारियों के प्रति सख्त दिखाई दिए। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह अधिकारियों के प्रति हर हाल मे एक्शन लिया जाएगा। समीक्षा बैठक में सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर कई अधिकारियों को मुख्यमंत्री की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा।

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इस पर गुस्सा हुए सीएम

लगभग तीन घंटे की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सभी विभागों के कार्यों के बारे में गहनता से पूछताछ की। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी देवेन्द्र सिंह ने उन्हें बताया कि लगभग 90 फीसद जिला ओडीएफ हो गया है। इस पर कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान व हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने कह दिया कि गावों को ओडीएफ तो घोषित कर दिया गया लेकिन सच्चाई यह है कि वहां आधे से ज्यादा घरों में शौचालय तक नहीं बने हैं। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ कि शौचालय के लिए आए चार करोड़ रुपये अभी खाते में पड़े हुए हैं। यह पता चलने पर मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) देवेंद्र सिंह और एडीओ पंचायत हसनपुर नानकचंद को निलंबित कर दिया।

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तीन घंटे चली बैठक

समीक्षा बैठक के दौरान राशन वितरण प्रणाली में गड़बड़ी की शिकायत भी सामने आई। इसका पता चलने पर मुख्यमंत्री ने जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला को चेतावनी दी। करीब तीन घंटे की बैठक के बाद वह मंडी समिति के लिए रवाना हो गए, जहां से वह बुलंदशहर के लिए निकल गए।

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