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UPSC Result : मुरादाबाद के उत्तम और बिजनौर की स्मृति बने IAS, खुद बताया अपनी सफलता का राज

UPSC Result : यूपीएससी 2021 का फाइनल रिजल्ट जारी हो चुका है। टॉपर्स में बेटियों ने बाजी मारी है। वहीं बिजनौर की बेटी स्मृति भारद्वाज तीसरे अटेम्प्ट में आईएएस बनी हैं तो मुरादाबाद के उत्तम भारद्वाज भी दूसरे प्रयास में सफल हो गए हैं। दोनों के चयन से यूपी में खुशी का माहौल है।

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यूपीएससी 2021 का फाइनल रिजल्ट (UPSC Result 2022) जारी कर दिया गया है, जिसमें मुरादाबाद के उत्तम कुमार और बिजनौर की स्मृति भारद्वाज का आईएएस के लिए चयन हो गया है। मुरादाबाद के मझोला के रहने वाले उत्तम भारद्वाज ने आईएएस में 121 रैंक (सामान्य) हासिल की है। वहीं बिजनौर की रहने वाली स्मृति भारद्वाज ने 176वीं रैंक पाई है। दोनों के चयन से दोनों शहरों के साथ पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। दोनों के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ। परिवार के लोग घर आने वालों को मुंह मीठा करा रहे हैं।

बिजनौर की साहित्य विहार कॉलोनी की रहने वाली स्मृति भारद्वाज ने बताया कि 2011 में उसने सेंट मैरी स्कूल से 10वीं और उसके बाद 2013 में 12वीं पास की थी। उसने दोनों ही बार टॉप किया था। उसने बताया कि पिता संजय भारद्वाज सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में प्रबंधक हैं और मां सरिता शर्मा गृहणी हैं। वहीं भाई कुशाग्र इंजीनियर है। स्मृति ने बताया कि वह शुरुआत से ही टॉपर रही है। स्मृति ने बताया कि उसने घर में रहते हुए 7-8 घंटे रोजाना पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि कुछ दिन उसने दिल्ली में कोचिंग भी ली। तीसरे एटेम्पट में यूपीएससी परीक्षा में 176वीं रैंक हासिल की है। इसका श्रेय वह परिजनों और गुरुजी को देती हैं।

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नेवी की पोस्ट छोड़कर आईएएस को बनाया लक्ष्य

वहीं, मुरादाबाद मझोला की बिजली घर कालोनी के रहने वाले उत्तम भारद्वाज ने बताया कि पिता नवीन कुमार शर्मा बिजली विभाग में अधिशासी अभियंता (ट्रांसमीशन) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इससे पहले 2019 में भी सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी थी। लेकिन, पहली बार 2019 में एप्टीट्यूड टेस्ट में .14 अंक कम आने के कारण सफल नहीं हो सके थे। 2021 में दोबारा परीक्षा देकर 121वीं रैंक हासिल की है। उत्तम ने बताया कि 12वीं कक्षा पास करने के बाद 2015 में नेवी में फाइटर पायलट के लिए सिलेक्शन हो गया था, लेकिन एक आंतरिक परीक्षा में सफलता नहीं मिली। उन्हें फाइटर पायलट के स्थान पर दूसरी पोस्ट पर तैनाती मिलनी थी, लेकिन उन्होंने पोस्ट छोड़कर आईएएस का लक्ष्य निर्धारित किया।

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शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान

बीए के बाद 2019-2020 तक दिल्ली में कोचिंग की। 2019 में असफलता मिलने पर भी हार नहीं मानी और दूसरी बार में जाकर सफलता मिली है। उत्तम का कहना है कि उनकी सफलता में पिता नवीन शर्मा, मां सुधा शर्मा के साथ शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है।