
मुरैना. बारिश शुरू हुए डेढ़ महीने बीत गया लेकिन अभी तक सीवर सहित नाले-नालियां चोक, मुख्य बाजार में सडक़ें तालाब बन रहीं और घरों-दुकानों में पानी घुस रहा है। शहर के हालात बहुत खराब हैं, जरा सी बारिश होते सडक़ें जलमग्न हो जाती हैं।
नगर निगम ने बारिश से पहले नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए का टेंडर किया था। कहीं सफाई हुई, कहीं नहीं की गई। नाले नालियां चोक होने से बारिश होते ही शहर के ज्यादातर सडक़ें तालाब बन जाती ैहैं। बीते रोज हुई बारिश से शहर के हृदय स्थल मारकंडेश्वर बाजार, सदर बाजार की सडक़ तालाब बन गई, उनके फोटो वीडियो जनता ने सोशल मीडिया पर डालकर नगर निगम का मजाक उड़ाया। तब नगर निगम आयुक्त को नगर में जल भराव की सुधि आई और उन्होंने आनन फानन में फरमान जारी कर दिया कि शहर में किसी भी हाल में सडक़ों पर जल भराव की स्थिति निर्मित नहीं होना चाहिए।
नगर निगम के करीब 24 वार्डो में दो साल पूर्व सीवर लाइन डाली जा चुकी है लेकिन प्रोपर सफाई नहीं होने पर हर साल जल भराव की समस्या आती है। शहर के गोपाल पुरा, केशव कॉलोनी वार्ड 13 में काली माता मंदिर के पास डंडोतिया धर्मशाला वाली गली में सीवर चोक होने से ओवरफ्लो हो रहा है। इसी तरह गोपाल पुरा, गणेश पुरा, जीवाजी गंज सहित अन्य बस्तियों में भी सीवर चेंबर जब से बने हैं, सफाई नहीं की गई है।
बारिश होने पर शहर के सदर बाजार, पसारी बाजार, लोहिया बाजार, सुभाष नगर, तुस्सीपुरा, काशीपुरा नई बस्ती, रामनगर, गणेश पुरा, आमपुरा, केशव कॉलोनी, गोपाल पुरा, चंबल कॉलोनी, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सुदामा नगर, मुरैना गांव मैदा मिल के पीछे की बस्ती, सिद्ध नगर, इस्लाम पुरा, महावीर पुरा, दत्तपुरा, यादव कॉलोनी, आजाद नगर आदि बस्तियों में जल भराव की समस्या रहती है।
शहर में सीवर लाइन डाली गई, उस समय जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। लाइन में सिर्फ सीवर की लाइन जुडऩी थी लेकिन लोगों ने घर के सारे पाइप, यहां तक कि छत के पाइपों का कनेक्शन भी सीवर लाइन से कर दिया। इसके बाद हुआ ये कि घर के आगे बनी नालियां बंद कर दी। क्योंकि उनके तो सभी पाइप सीवर लाइन से कनेक्ट हो गए, अब उनका पानी तो सडक़ पर निकलना नहीं हैं। अब बारिश का पानी कहां जाए क्योंकि नालियां सभी अपने दरवाजों पर बंद कर दी। इसलिए जल भराव की समस्या बस्तियों में आ रही है।
नाले, नालियों की प्रोपर सफाई नहीं होने से बारिश होते ही बस्ती में पानी भर जाता है। यहां तक सडक़ पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, घरों में पानी भर जाता है। पिछली साल जल भराव की समस्या से भी निगम ने सीख नहीं ली है।
जब से सीवर लाइन पड़ी है, तब से चेंबरो की सफाई नहीं हुई है, नालियों बंद पड़ी हैं, यही कारण है कि बारिश के समय बस्ती में सडक़ों पर पानी भर जाता है, ज्यादा बारिश होने पर घरों में भी पानी भर जाता है। सफाई के नाम हर साल लाखों रुपए यूं ही खर्च कर दिए जाते हैं।
शहर में नालों की सफाई का टेंडर हुआ था। उनकी सफाई भी कराई गई थी लेकिन बारिश के चलते नाले फिर से भर गए हैं। लेकिन सफाई लगातार की जा रही है और जहां से शिकायत आती है, वहां प्राथमिकता से सफाई कराई जाती है। चेंबर सफाई के लिए टीम लगी हुई है।
Updated on:
26 Jul 2025 12:19 pm
Published on:
26 Jul 2025 12:19 pm
