11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सम्प्रेक्षण गृह का प्रभार मनीष सिंह से छीना, चतुर्वेदी को सौंपा

खबर का असर : एक साल पहले इनके प्रभार में भागे थे बच्चे

2 min read
Google source verification
Morena News, Morena Hindi News, Mp Hindi News, Surveillance home, children, handed, Morena

बाल सम्प्रेक्षण गृह।

मुरैना. शहरी परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग मनीष सिंह से बाल संप्रेक्षण गृह का प्रभार छीन लिया है। अब यह प्रभार वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक सरिता चतुर्वेदी को दिया गया है। पत्रिका ने 30 नवंबर को 'जिसके प्रभार में भागे थे बच्चे, उसको जिला अधिकारी का प्रभारÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उसमें उल्लेख किया गया था कि बाल संप्रेक्षण गृह से एक साल पहले दीवार फोड़कर पांच बच्चे फरार हो हुए थे। उस समय अधीक्षक का प्रभार शहरी परियोजना अधिकारी मनीष सिंह पर था। उसके बाद भी इनको जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी के साथ-साथ बाल सम्प्रेक्षण गृह का प्रभार भी दिया था। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग में खलबली मच गई और तुरंत प्रभार बदल दिया गया।
विदित हो शहरी परियोजना अधिकारी मनीष सिंह को पिछली साल बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक का प्रभार था। इनके कार्यकाल में 28-29 अगस्त 2016 की दरम्यानी रात को संप्रेक्षण गृह की दीवार फोड़कर पांच बच्चे फरार हो गए थे। उस समय इनसे प्रभार छीनकर जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी संजय अग्रवाल को दिया गया था। उनके जाने के बाद यह प्रभार सरिता चतुर्वेदी को दिया गया। दो माह पूर्व आयुक्त महिला सशक्तिकरण मप्र जयश्री कियावत का मुरैना दौरा हुआ, उनको अनियमितताएं मिली तो उन्होंने सरिता चतुर्वेदी से प्रभार हटाने के आदेश दिए थे। उसके बाद सहायक संचालक महिला बाल विकास अनुराधा शर्मा को प्रभार दिया गया। उनके जाने के बाद यह प्रभार मनीष सिंह शहरी परियोजना अधिकारी को दिया गया था। नियमानुसार संप्रेक्षण गृह में अधीक्षक को पूरे समय रहना चाहिए, उसमें अधीक्षक का एक कक्ष भी बना है, लेकिन मनीष सिंह अपडाउन के चलते न तो पहले रहे और न अब रह सकते थे। ऐसी स्थिति में संप्रेक्षण गृह पर फिर से असुरक्षा के बादल मंडराने लगे थे। इसलिए जिला प्रशासन व विभागीय अधिकारियों ने पत्रिका की खबर को गंभीरता से लिया और मनीष सिंह से बाल संप्रेक्षण गृह का प्रभार हटाकर सरिता चुतर्वेदी का सौंप दिया है।
जिला अधिकारी का प्रभार अभी भी
शहरी परियोजना अधिकारी पर जिला महिला सशकितकरण अधिकारी का प्रभार अभी भी है। बाल सम्प्रेक्षण गृह का प्रभार सरिता चतुर्वेदी को दे भले ही दिया है, लेकिन उनको कार्य तो मनीष सिंह के ही अंडर में करना होगा। अर्थात कंट्रोल तो अधिकारी के हाथ में ही रहेगा। इसलिए बाल सम्प्रेक्षण गृह की सुरक्षा को देखते हुए किसी ऐसे निष्पक्ष अधिकारी को जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी का प्रभार दिया जाए तो पहले कभी किसी मामले में विवादित न रहा हो।
कथन
बाल सम्प्रेक्षण गृह का प्रभार मनीष सिंह से लेकर सरिता चतुर्वेदी को सौंप दिया है। अब चतुर्वेदी की देखरेख में ही सम्प्रेक्षण गृह की देखभाल रहेगी।
गौतम अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग, मुरैना