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Morena Train Accident: लोको पायलट ने लगाए थे ‘इमरजेंसी ब्रेक’, 90 की स्पीड में नहीं रुकी ट्रेन, ट्रैक में उड़े चीथड़े

MP Rail Accident: घुमाव की वजह से ट्रैक पर मौजूद लोगों को शायद ट्रेन दिखाई नहीं दी। जिससे 4 लोगों की कटकर मौत हो गई।

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Morena Train Accident: हादसे में 4 मौतों की पुष्टि (Photo Source - Patrika)

Morena Train Accident: हादसे में 4 मौतों की पुष्टि (Photo Source - Patrika)

Morena Train Accident: मध्यप्रदेश के मुरैना में रेल हादसे ने चार लोगों की जिंदगियां छीन ली। इस पूरे मामले में झांसी रेलवे डिवीजन के DRM अनिरुद्ध कुमार ने हादसे में 4 मौतों की पुष्टि कर दी है। लोगों में आग लगने की अफवाह के चलते इतना बड़ा हादसा हो गया।

बता दें कि हेतमपुर रेलवे जंक्शन के पास खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी ट्रेन चेन-पुलिंग के बाद रुकी थी और कुछ यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, नीचे उतर गए। उसी समय, पास के घुमावदार ट्रैक पर आगरा की तरफ से पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी। घुमाव की वजह से ट्रैक पर मौजूद लोगों को शायद ट्रेन दिखाई नहीं दी। जिससे 4 लोगों की कटकर मौत हो गई।

लगाए थे इमरजेंसी ब्रेक, लेकिन नहीं रुकी ट्रेन

रेलवे सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली है कि जहां पर हादसा हुआ था वहां का ट्रैक घुमावदार है। ट्रैक में करीब 1.8 मीटर का कर्व है। इसी वजह से पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट को ट्रैक पर खड़े हुए यात्री समय रहते दिखाई नहीं दिए। ट्रेन करीब 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। करीब 600 मीटर की दूरी पर यात्रियों को देखकर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन समय पर नहीं रुक सकी। इसी कारण 4 लोग चपेट में आ गए।

अंदर का मंजर था भयावह

ट्रेन में सवार रुखसाना के पति नदीम ने बताया कि ट्रेन के अंदर का मंजर बहुत भयावह था। उन्होंने बताया कि किसी ने जनरल कोच की अलार्म चेन को खींच दिया था। चेन खींचने के बाद ट्रेन जैसे-जैसे धीमें होती जा रही थी वैसे-वैसे आग लगने की सूचना फैल रही थी। कोच में हड़कंप मच गया था।

मैंने किसी तरह का धुआं या लपटें नहीं देखी लेकिन यात्री घबरा गए थे। भगदड़ मचने के बाद मैंने अपने बड़े बेटे रिजवान जो कि ऊपर वाले बर्थ में बैठा तो उसे वहीं रहने के लिए कहा जबकि रुखसाना और असद को ट्रेन से बाहर निकालने के बाद खुली जगह पर भीड़ और पटरी से दूर खड़ा कर दिया। इसके बाद जब मैं ट्रेन से अंदर से रिजवान को साथ में लेकर बाहर आया तब दोनों को बाहर मृत पाया।

मोबाइल ब्लास्ट की सूचना से मची भगदड़

बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा के अनुसार, कोच में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकते ही यात्री घबराकर नीचे उतर गए और ट्रैक की ओर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही RPF, GRP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

इनकी गई जान

बिरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरी (60), गैसोरा बीकानेर
आफरीन पत्नी नदीम खान (35), आगरा
असद खान पुत्र नदीम खान (4), आगरा
शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60), आगरा