ग्राम पंचायत रामपुर कला के लोग इन दिनों पानी की भयावह किल्लत से जूझ रहे हैं।
वैसे तो मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के दिन जैसे-जैसे करीब नजदीक आ रहा हैं, सरकार ठीक वैसे-वैसे ही नई-नई लोक लुभावन योजनाएं लोगों के बीच शुरू करती जा रही है। लेकिन ये योजनाएं कितनी कारगर हैं या शुरु की गई योजनाओं का क्रियानवयन कैसा चल रहा है, इसका हिसाब रखने वाला शायद कोई जिम्मेदार नहीं है। क्योंकि, इसकी जमीनी हकीकत आपको नल-जल योजना से पता चल जाएगी। मध्य प्रदेश में सरकार की ओर से चलाई गई अहम योजनाओं में से एक नल जल योजना कई जिलों में कागजों पर तो सुचारू है, पर इसकी जमीनी हकीकत कई जिलों में ठीक नहीं है। इसका ताजा उदाहरण सामने आया मुरैना जिले से, जहां योजना के तहत कागजों पर वाटर सप्लाई तो की जा रही है, पर हकीकत ये है कि, यहां स्थानीय लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रामपुर कला के लोग इन दिनों पानी की भयावह किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्राम में लाइट नहीं होने से नलजल योजनाएं ठप्प पड़ी हुई हैं। ऐसे में यहां रहने वाले ग्रामीण अपनी पानी की प्यास बुझान के लिए कई किलो मीटर दूर से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों में हाहाकार, सुध नहीं ले रहे जिम्मेदार
दरअसल, रामपुर कला में पेयजल व्यवस्था लाइट पर निर्भर रहती है। शनिवार रात से यहां बिजली नहीं है, जिसक चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। माता रोड पर एक ट्यूबवेल होने के वजह से वहां पानी के लिए कतार लगाकर खड़े रहे। अपनी बारी का इंतजार कर रही महिलाओं में यहां लगातार विवाद भी हो रहे हैं। रामपुर कला में पेयजल व्यवस्था पर ध्यान रखते हुए बिजली की सप्लाई पर विशेष ध्यान दिए जाने की अपील ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही है। फिलहाल, अबतक किसी भी जिमम्ेदार ने इसपर सुध नहीं ली है।