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नोटबंदी के 10 साल बाद 2 लाख रुपये के पुराने नोट बदले जाएंगे, बॉम्बे हाई कोर्ट का RBI को आदेश

RBI demonetization notes exchange order: बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए नोटबंदी के दौरान जब्त किए गए 2 लाख रुपये मूल्य के पुराने नोटों को बदलने का आदेश दिया है। अदालत ने अपने आदेश से स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी नागरिक के साथ प्रशासनिक कार्रवाई के कारण अन्याय नहीं होना चाहिए।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 24 Apr 2026, 4:25 PM IST

RBI demonetization 500 rs note notes exchange

2 लाख रुपये के 500 के पुराने नोट बदलने का आदेश (Patrika Photo)

नोटबंदी से जुड़े एक अहम मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को निर्देश दिया है कि वह एक व्यक्ति से जब्त किए गए 2 लाख रुपये के पुराने 500-500 रुपये के नोट बदलकर उसे वैध मुद्रा में दे। कोर्ट ने साफ कहा कि याचिकाकर्ता को ऐसी गलती की सजा नहीं दी जा सकती, जिसके लिए वह जिम्मेदार नहीं था।

कोर्ट ने कहा- पुलिस के पास थे नोट

न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। कारण यह था कि नोटबंदी के दौरान उसके पास मौजूद रकम पुलिस ने निर्धारित समयसीमा खत्म होने से पहले ही जब्त कर ली थी और अंतिम तारीख तक नोट पुलिस के कब्जे में ही रहे।

क्या है पूरा मामला

यह मामला गिरीश मलानी से जुड़ा है, जिन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मलानी ने बताया कि 1 दिसंबर 2016 को वह 500 रुपये के 400 नोट यानी कुल 2 लाख रुपये लेकर माहुर जा रहे थे। उसी दौरान नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर गश्त कर रही पुलिस ने उनका वाहन रोका और एहतियात के तौर पर पूरी रकम जब्त कर थाने में जमा करा दी।

आयकर विभाग ने भी रकम को बताया वैध

मलानी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी थी। जांच के बाद आयकर विभाग ने साफ कर दिया कि यह रकम पूरी तरह वैध है और किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद उन्हें नोट बदलकर नहीं दिया गया। जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया।

पुलिस ने मलानी को यह राशि 31 दिसंबर 2016 को लौटाई, जबकि चलन से बाहर हुए नोटों को बैंकों में जमा करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2016 थी।

समयसीमा खत्म होने के बाद लौटाए गए नोट

याचिका में बताया गया कि पुलिस ने यह रकम उन्हें नोट बदलने की तय समयसीमा खत्म होने के बाद वापस की। ऐसे में वह पुराने नोटों को बैंक में जमा नहीं कर पाए। बाद में जनवरी 2017 में उन्होंने आरबीआई से संपर्क किया, लेकिन उनका अनुरोध ठुकरा दिया गया।

हाईकोर्ट ने RBI को दिए स्पष्ट निर्देश

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपने अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इसलिए अदालत ने निर्देश दिया कि मलानी एक सप्ताह के भीतर पुराने नोट आरबीआई के पास जमा करें। इसके बाद आरबीआई सात सप्ताह के भीतर जांच कर उन नोटों को वैध मुद्रा में बदलेगा।

2016 में हुई थी नोटबंदी

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। इसके तहत नागरिकों को 30 दिसंबर 2016 तक पुराने नोट जमा या बदलने की अनुमति दी गई थी।

इस फैसले को उन लोगों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जिनके नोट आज भी किसी प्रशासनिक या कानूनी कारणों से समय पर बदले नहीं जा सके थे।

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