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Mumbai: MSTA ने पास किए 8 बड़े प्रोजेक्ट्स, मुंबई में विकास के लिए काटे जाएंगे 1845 पेड़

मुंबई में विकास के लिए जल्‍द ही 1800 से ज्यादा पेड़ों की बलि चढ़ा दी जाएगी। ये सभी पेड़ आठ प्रोजेक्‍ट्स के दायरे में आ रहे हैं। इन पेड़ों को काटने के लिए एमएसटीए ने अपनी पहली बैठक में मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन अब एमएसटीए ने अपनी मंजूरी दे दी है।

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शहरी निकायों द्वारा प्रस्तावित आठ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को महाराष्ट्र स्टेट ट्री अथॉरिटी (एमएसटीए) द्वारा पास कर दिया गया है। अब मुंबई में 199 हेरिटेज पेड़ों सहित 1,845 पेड़ विकास के नाम पर काटे जाएंगे। बता दें कि ये सभी पेड़ आठ प्रोजेक्‍ट्स के दायरे में आ रहे हैं, जिन्‍हें अब काटने की मंजूरी मिल गई है। जल्‍द ही इन सभी पेटों की कटाई शुरू कर दी जाएगी।

महाराष्ट्र स्टेट ट्री अथॉरिटी ने अपनी दूसरी बैठक के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की सेवरी-वर्ली कनेक्टर के निर्माण के लिए पेड़ काटने की परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसके लिए 305 पेड़ों की बलि चढ़ेगी। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट ट्री अथॉरिटी ने अपनी पहली बैठक में इन पेड़ों को कटाने की मंजूरी नहीं दी थी। यह भी पढ़ें: Mumbai Metro Car Shed Project: जानें क्या है मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट? जिसे आरे कॉलोनी में शिफ्ट करते ही आमने-सामने आ गई BJP और शिवसेना

दूसरी तरफ महाराष्ट्र के अकोला में चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए 184 पेड़ काटे जाएंगे। इसी प्रकार दो मेट्रो संबंधित परियोजनाएं, मेट्रो कॉरिडोर 2 कलानगर से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स तक बनने वाली लाइन के लिए 52 पेड़ों की बलि चढ़ेगी। वहीं, डीएन नगर से नानावती अस्पताल तक मेट्रो वायडक्ट बनाने के लिए 41 पेड़ों को काटा जाएगा।

महाराष्ट्र स्टेट ट्री अथॉरिटी की पहली बैठक 17 जनवरी को हुई थी, जिसमें कुल 12 प्रोजेक्ट्स के लिए पेड़ों को काटने का प्रस्‍ताव सामने किया गया था, लेकिन उस बैठक में पेड़ों को काटने की मंजूरी नहीं दी गई थी। इसके पीछे की वजह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को बताई गई। उसके बाद एक एसओपी तैयार किया गया, जिसमें एजेंसियों और शहरी निकायों को गूगल मैप लोकेशन के साथ नाम, उम्र, प्रजाति और काटे जाने व रखने वाले पेड़ों की पूरी जानकारी देने के लिए कहा गया था।

बता दें कि पहली बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक महाराष्ट्र स्टेट ट्री अथॉरिटी (एमएसटीए) को पेट काटने के लिए कई प्रस्ताव मिले थे, लेकिन वे सभी वृक्ष अधिनियम, 1975 के संशोधित प्रावधानों के अनुरूप नहीं थे। जिसके कारण सभी विभागों के निकायों को एसओपी तैयार करने का आदेश गया था। इस साल जनवरी में राज्य सरकार द्वारा ट्री अथॉरिटी का गठन किया गया था। इसमें एक अध्यक्ष और तीन सदस्यों को नियुक्त हुई है। यह संस्‍थान स्थानीय वृक्ष प्राधिकरणों के कामकाज की निगरानी, हेरिटेज के पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण का कार्य करती है।