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CEC Protest: आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर FIR, दादर में प्रदर्शन के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन

Aaditya Thackeray and Amit Thackeray FIR: मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के बाद शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और मनसे (MNS) नेता अमित ठाकरे समेत 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

•

Oct 12, 2026

Mumbai Police action Shivaji Park Protest

आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर FIR (Photo: X/IANS)

Mumbai CEC Protest: महाराष्ट्र में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच मुंबई पुलिस ने शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे समेत 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई रविवार को दादर के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर हुए प्रदर्शन के सिलसिले में की गई है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर गैरकानूनी जमावड़े और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया। इस दौरान ठाकरे भाइयों ने गाड़ी पर चढ़कर समर्थकों को संबोधित किया। दोनों भाइयों ने पुलिस वाहन को रोकने के साथ ही हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर आक्रामक तेवर दिखाए।

इस मामले में मनसे नेता संदीप देशपांडे, शिवसेना (UBT) के नेता वरुण सरदेसाई और महेश सावंत के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर हुआ था विवाद

रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया।

पुलिस की इस कार्रवाई का आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने विरोध किया। दोनों नेता प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर पहुंचे और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की। इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं समेत 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा सड़कों पर उतरकर विरोध करने वाले नागरिकों से डरती है। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच हो और CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?

मुंबई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) के साथ धारा 37(1), 37(3) और 135 का उल्लेख किया है।

धारा 189(2) गैरकानूनी जमावड़े से संबंधित है। वहीं, धारा 37(1), 37(3) और 135 का संबंध लागू निषेधात्मक आदेशों तथा उनके उल्लंघन से जुड़े प्रावधानों से है।

4 अक्टूबर के संयुक्त मोर्चे को लेकर भी दर्ज हुई थी FIR

इससे पहले मुंबई पुलिस ने 4 अक्टूबर को मनसे और शिवसेना (UBT) के संयुक्त मोर्चे से जुड़े आयोजकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की थी। यह मामला दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, यह मार्च आवश्यक अनुमति के बिना निकाला गया था और दक्षिण मुंबई में लागू निषेधात्मक आदेशों का कथित उल्लंघन किया गया था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय की ओर बढ़े थे। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर भी आरोप लगाये गए थे।

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