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‘जो करना है कर लो’: राज ठाकरे ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, CEC मामले पर मनसे के तेवर सख्त

MNS Raj Thackeray: राज ठाकरे ने मनसे नेताओं की आपात बैठक बुलाई। दादर में मनसे का ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर हस्ताक्षर अभियान और शिवसेना UBT का मौन आंदोलन होगा। रविवार के प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई भी चर्चा में है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

•

Oct 12, 2026

Raj Thackeray Garjana Morcha Mumbai

राज ठाकरे (Photo: IANS/File)

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सोमवार सुबह 11 बजे अपने आवास ‘शिवतीर्थ’ पर पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं की बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक दादर के शिवाजी पार्क इलाके में रविवार को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन और उसके बाद पैदा हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हो रही है। बैठक में मनसे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। इससे पहले मनसे की ओर से कहा गया था कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वह लड़ते रहेंगे और पीछे नहीं हटेंगे, सरकार को जो करना है करे।

कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में रविवार को मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में बिना अनुमति प्रदर्शन हुआ। इस वजह से पुलिस ने आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया था। इसके बाद शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर मनसे और शिवसेना (UBT) से जुड़े कार्यकर्ता जुट गए थे। आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे भी आंदोलनकारियों के समर्थन में सामने आए थे। अब सोमवार को दादर में फिर दो अलग-अलग आंदोलनों की तैयारी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मनसे का हस्ताक्षर अभियान

विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। इसी मांग को लेकर मनसे सोमवार को हस्ताक्षर अभियान चलाने जा रही है।

दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर मनसे नेता संदीप देशपांडे कहते हैं, "मुझे लगता है कि पूरा देश अब इन सब चीज़ों से ऊब चुका है और हर किसी को लोकतंत्र की रक्षा करनी है। भारत के इतिहास को देखें तो हमने हमेशा लोकतंत्र की रक्षा की है… कम से कम 1975 में तो आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी घोषित की गई थी। लेकिन अब एक अघोषित इमरजेंसी है, जिसका मुकाबला हर नागरिक को करना होगा…"

हिरासत के बाद पुलिस स्टेशन के बाहर जुटे थे कार्यकर्ता

रविवार को दादर के शिवाजी पार्क इलाके में सीजेपी का प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान पुलिस ने करीब 300 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इसके बाद शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर सीजेपी के साथ ही उद्धव सेना और मनसे के कार्यकर्ताओं ने जुटकर विरोध जताया और हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग की।

इस दौरान आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे भी मौजूद रहे। दोनों ने पुलिस स्टेशन के बाहर आंदोलनकारियों के समर्थन में धरना दिया। दोनों नेताओं ने पुलिस की गाड़ी को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की और बाद में गाड़ी की छत पर चढ़कर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। आंदोलनकारियों के विरोध के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया।

तेजस ठाकरे भी पहली बार आंदोलन में आए नजर

रविवार के प्रदर्शन की एक खास बात यह रही कि आदित्य ठाकरे के साथ उनके भाई तेजस ठाकरे भी मैदान में दिखाई दिए। तेजस ठाकरे आमतौर पर सक्रिय राजनीति से दूर रहते हैं। ऐसे में आंदोलन के दौरान उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा।

ठाकरे सेना का मौन आंदोलन

सोमवार को मनसे के हस्ताक्षर अभियान के अलावा शिवसेना (UBT) की ओर से भी दादर में मौन आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। पार्टी ने नागरिकों से हाथों में तिरंगा लेकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज, ठाकरे बंधुओं पर भी कार्रवाई संभव

रविवार के आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि शिवाजी पार्क पुलिस आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के खिलाफ भी मामला दर्ज कर सकती है।