
मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Photo: IANS/File)
MNS on CJP Abhijeet Dipke Protest: देश भर में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। कांग्रेस नीत इंडिया गठबंधन के बाद अब राज ठाकरे की पार्टी मनसे (मनसे) ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी सोमवार से पूरे महाराष्ट्र में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। मनसे नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार को जो करना है करे, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। जनता सड़कों पर उतरेगी।
देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच मनसे ने शनिवार को महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी नेता SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचने पर हिरासत में लिए जाने का मामला भी चर्चा में है।
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने आंदोलन की जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार से जगह-जगह हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अगले सप्ताह महाराष्ट्र की जनता सड़कों पर उतरेगी।
देशपांडे ने कहा, “अगर हमें जेल में डालना है तो डाल दो, जो करना है कर लो।” उन्होंने लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि अगर आज आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ी सवाल करेगी कि जब लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा था, तब लोग कहां थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में चलाया जाएगा। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से भी इसमें शामिल होने की अपील की।
संदीप देशपांडे ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दीपके ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन्हें हिरासत में रखा जा रहा है?
देशपांडे ने कहा कि सरकार को जो कार्रवाई करनी है, वह करे, लेकिन उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज आवाज दबाई गई, तो कल फिर विरोध होगा। उनके मुताबिक, आंदोलन को कितने समय तक दबाया जा सकता है, यह बड़ा सवाल है।
मनसे नेता नितिन सरदेसाई ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इस प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है।
नितिन सरदेसाई ने कहा कि मनसे ने पहले शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के साथ मुंबई में गर्जना मोर्चा निकाला था, लेकिन पार्टी यहीं नहीं रुकी है। अब सोमवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अभियान में शामिल होकर अपनी सहमति दर्ज कराने की अपील की।
सरदेसाई ने कहा कि सोमवार का हस्ताक्षर अभियान आंदोलन का पहला चरण होगा। इसके बाद दशहरा तक पार्टी की ओर से आगे की रणनीति और कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में नाराजगी है। पार्टी इस असंतोष को लोकतांत्रिक तरीके से सामने लाना चाहती है।
नितिन सरदेसाई ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के अधिकारों पर असर पड़ रहा है और विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाने की अनुमति होनी चाहिए और लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
मनसे के इस ऐलान के बाद अब नजर सोमवार से शुरू होने वाले हस्ताक्षर अभियान पर है। यह अभियान किन-किन शहरों और जिलों में चलाया जाएगा तथा इसमें आम नागरिकों की कितनी भागीदारी रहती है, इससे पार्टी के आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।
Updated on:
10 Oct 2026 04:29 pm
Published on:
10 Oct 2026 04:26 pm
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