
अभिजीत दीपके का बड़ा खुलासा, फोटो सोर्स- ANI
Abhijit Dipke BJP offer statement: जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा नेता और छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। मराठी चैनल लोकसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक दीपके ने खुलासा किया कि उन्हें भाजपा की तरफ से पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया था और साथ ही चेतावनी भी दी गई थी।
पत्रकारों से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें स्पष्ट संदेश दिया गया था कि वे भाजपा में आ जाएं, वरना उन्हें हटा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनके माता-पिता को लेकर भी उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। दीपके ने कड़े शब्दों में रुख साफ करते हुए कहा कि चाहे मुझे कितने भी प्रस्ताव दे दिए जाएं, मैं कभी भी भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा। आप अपने पोते की उम्र के बच्चे को डरा रहे हैं। मैं नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पोते की उम्र का हूं। आप 30 साल के एक युवा को कितनी धमकियां देंगे?
गृह मंत्री पर हमला बोलते हुए छात्र नेता ने कहा कि यदि सरकार या भाजपा यह आरोप लगा रही है कि इस आंदोलन के लिए पैसा बाहर से आ रहा है, तो यह सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह की प्रशासनिक विफलता है। बता दें कि दीपके ने सवाल उठाया, 'अगर जनता पार्टी या प्रदर्शनकारियों को विदेश से पैसा मिल रहा है, तो देश का गृह मंत्रालय क्या कर रहा है? फिर अमित शाह किस तरह के 'चाणक्य' हैं? प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश भी गृह मंत्रालय के इशारे पर दिए गए।'
योग गुरु बाबा रामदेव के 'जेनरेशन ज़ेड (Gen Z) द्वारा संस्कृति बिगाड़ने' वाले बयान पर पलटवार करते हुए दीपके ने कहा कि अपने हक और अधिकारों की आवाज उठाना कोई पाप नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को देश के युवाओं को सीख देने के बजाय अपने पतंजलि उत्पादों की बिक्री पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।' इसके साथ ही उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की जगह नए शिक्षा मंत्री बनाए गए प्रल्हाद जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के चारों संवैधानिक स्तंभ इस वक्त गंभीर खतरे में हैं और सत्ता पक्ष विरोध को दबाने के लिए हर एजेंसी का इस्तेमाल कर रहा है।
Gen Z युवाओं के डिजिटल विरोध का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि आज का युवा प्रदर्शन के दौरान मोबाइल फोन से सच्चाई रिकॉर्ड कर रहा है, तो पुलिस प्रशासन इससे घबरा क्यों रहा है? उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी राजनीतिक दल का मोहरा बनने के बजाय संविधान के रास्ते पर चलना चाहिए।
Updated on:
30 Jul 2026 01:41 pm
Published on:
30 Jul 2026 01:37 pm
