
राज ठाकरे ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
Ajit Pawar Death: बुधवार का दिन महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद दिन रहा है। महाराष्ट्र ने अपने एक बड़े और मजबूत नेता अजित पवार को खो दिया है। उनके अचानक निधन की खबर ने सबको हैरान कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल बना हुआ है। बता दें कि मुंबई में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद वह एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से बारामती के लिए रवाना हुए थे। लेकिन वह विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया और इसके दौरान उनकी मौत हो गई। इस दुर्घटना पर नेता हों या आम लोग, हर किसी ने दुख जाहिर किया है। उनके इस दुनिया से चले जाने पर महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा नुकसान माना जा रहा है। इसी बीच MNS के संस्थापक राज ठाकरे ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के अकाउंट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राज ठाकरे ने पोस्ट डालते हुए कहा कि उनका और अजित पवार का राजनीतिक सफर लगभग एक साथ ही शुरू हुआ था, लेकिन दोनों की पहचान बाद में हुई और बातचीत बढ़ी। उन्होंने पोस्ट के जरिए दुर्घटना पर दुख जाहिर किया और उनके परिवार के लिए संवेदना भी दिखाई। उन्होंने लिखा कि अजित पवार को राजनीति से सच्चा लगाव था और उन्होंने हमेशा अपना काम पूरे मन के साथ किया। यही वजह थी कि महाराष्ट्र की राजनीति में वह इतनी खास जगह बना पाए। आगे उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं, लेकिन उन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई।
राज ठाकरे ने 1990 के दशक के समय को याद करते हुए कहा कि जिस समय महाराष्ट्र में शहरीकरण हो रहा था और गांव धीरे-धीरे कस्बे बनते जा रहे थे, उस समय अजित पवार ने गांवों की राजनीति और लोगों की समस्याओं को बहुत समझदारी से संभाला। उनके नेतृत्व में पिंपरी-चिंचवड़ और बारामती जैसे इलाकों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में अजित दादा ने ऐसा बदलाव किया, जिसे उनके राजनीतिक विरोधी भी मानते हैं। साथ ही उन्होंने अजित पवार की प्रशासन की समझ की भी सराहना की। ठाकरे के अनुसार, पवार को पता होता था कि किस विषय में किस तरह का फैसला सही रहेगा। उन्होंने अजित पवार को साफ बोलने वाले बेबाक नेता बताया जो कभी जनता के सामने झूठे दावे नहीं करते थे।
राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में अजित पवार की एक खासियत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अजित जातिवाद से ऊपर उठकर राजनीति करते थे। उनकी रणनीति में जाति के लिए कोई जगह नहीं थी। वह हर आदमी को एक ही नजर से देखते थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे नेता बहुत कम होते हैं जो इतना साहस रखते हों। कड़ी आलोचना मिलने के बाद भी उन्होंने कभी विरोध को पर्सनल नहीं लिया। अंत में उन्होंने कहा कि ऐसी उदार सोच वाले नेता का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। पवार परिवार के लिए उन्होंने कहा कि वह और उनका परिवार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
Published on:
28 Jan 2026 04:25 pm

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