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अजित पवार की हुई NCP, समर्थकों ने मनाया जश्न; शरद पवार गुट बोला- घर का भेदी लंका ढाए

Ajit Pawar Vs Sharad Pawar: एनसीपी विधायकों की अयोग्यता मामले में विधानसभा अध्यक्ष 15 फरवरी तक निर्णय सुनाएंगे।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 06, 2024

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एनसीपी में तख्ता-पलट!

NCP: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में जारी वर्चस्व की लड़ाई में आज एक नया मोड़ आ गया है। चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली एनसीपी पार्टी माना है। जबकि एनसीपी के संस्थापक शरद पवार को अपनी पार्टी का नया नाम और चिन्ह चुनने का विकल्प दिया गया है। आयोग के फैसले के बाद अजित पवार एनसीपी के नए मुखिया बन गए है। इस वजह अजित पवार खेमे में जश्न का माहौल है।

अजित खेमे में जश्न

एनसीपी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, चुनाव आयोग ने हमारे वकीलों की दलीलें सुनने के बाद हमारे पक्ष में फैसला सुनाया है। हम इसका विनम्रतापूर्वक स्वागत करते हैं। अजित पवार के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद मुंबई में समर्थकों ने पटाखे फोड़कर, ढोल बजाकर जश्न मनाया। यह भी पढ़े-‘शरद पवार की मौत की प्रार्थना कर रहे हैं अजित पवार’, NCP नेता का सनसनीखेज आरोप

अजित पवार के करीबी व पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "हम चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं... किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए चुनाव चिह्न महत्वपूर्ण होता है... हो सकता है कि कल इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट में चुनौती दी जाए। इसमें हमें कुछ कहना नहीं है... हम चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं।"

सुप्रीम कोर्ट जाएगा शरद पवार खेमा

शरद पवार खेमे ने एनसीपी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले को अनुचित बताया है और कहा है कि वे इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

चुनाव आयोग द्वारा अजित पवार के पक्ष में फैसला सुनाए जाने पर शरद पवार की बेटी और एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा, "जो शिवसेना के साथ उन्होंने किया वही हमारे साथ किया... इस पार्टी का संस्थापक सदस्य एवं संस्थापक नेता एक ही व्यक्ति रहे हैं और वह शरद पवार हैं... यह बात पूरे देश को पता है... आज माहौल कुछ और है, देश में 'अदृश्य शक्ति' है जो यह सब करवा रही है। हम इस अन्याय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जरूर जाएंगे।"

खून के रिश्ते ने गला दबाया...

चुनाव आयोग के फैसले को खारिज करते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा, "फैसला उनके पक्ष में ही आने वाला था, इसमें कोई नई बात नहीं है... कहा जाता है- घर का भेदी लंका ढाए... हम अभी भी अजित पवार को दोषी मानते हैं... उन्होंने खून का रिश्ता होने के बाद भी राजनीतिक तौर पर शरद पवार का गला दबा दिया... हम महाराष्ट्र में मजबूत हैं, हमें कोई डर नहीं है, हमारे पास शरद पवार हैं...सुप्रीम कोर्ट जाएंगे..."


6 महीने तक चली सुनवाई

मालूम हो कि चुनाव आयोग के समक्ष शरद पवार बनाम अजित पवार गुट की सुनवाई पिछले साल 1 जुलाई को शुरू हुई। छह महीने से अधिक समय में 10 से ज्यादा बार सुनवाई करने के बाद आयोग ने एनसीपी के विवाद का निपटारा किया। सुनवाई में याचिकाकर्ता अजित खेमे की तरफ से मुकुल रोहतगी, नीरज किशन कौल और मनिंदर सिंह ने दलीलें दी। जबकि शरद पवार खेमे का पक्ष अभिषेक मनु सिंघवी और देवदत्त कामत ने रखा।

अजित पवार गुट के कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न-