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Pune: अजित पवार का इस्तीफा, 32 साल बाद छोड़ा पुणे जिला बैंक का डायरेक्टर पद

Ajit Pawar: अजित पवार 1991 में पुणे जिला बैंक से जुड़े थे। 32 वर्षों तक उनके मार्गदर्शन में बैंक ने नई ऊंचाइयों को छुआ।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 10, 2023

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डिप्टी सीएम अजित पवार

Ajit Pawar Resigns from Pune District Bank: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे जिला बैंक (Pune District Central Cooperative Bank) के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। दिलचस्प बात यह है कि पवार पिछले 32 वर्षों से जिला बैंक के निदेशक थे। अजित दादा ने पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। इसकी जानकारी बैंक के चेयरमैन दिगंबर दुर्गाडे (Dr Digambar Durgade) ने दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री पद के साथ ही राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने की बढ़ती जिम्मेदारी की वजह से वह बैंक को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। इसलिए अजित दादा ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। यह भी पढ़े-NCP: अजित पवार ही नहीं, 20 साल पहले इस नेता ने की शरद पवार के तख्तापलट की कोशिश, दांव पड़ा उल्टा!

बताया जा रहा है कि अजित पवार 1991 से पुणे जिला बैंक से जुड़े हुए हैं। 32 वर्षों तक पवार के मार्गदर्शन में पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।

अजित पवार की बढ़ती व्यस्तता को देखते हुए उन्होंने निदेशक पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। दरअसल बैंक के कामकाज को देखने के लिए समय दे पाना उनके लिए संभव नहीं हो रहा था। जब अजित पवार 1991 में जिला बैंक से जुड़े थे तो उस समय बैंक का कुल कारोबार 558 करोड़ रुपये था। लेकिन अजित दादा के कमान संभालने के बाद बैंक लगातार बढ़ता गया और आज इसका कारोबार बढ़कर 20,714 करोड़ रुपये हो गया है। यह आंकड़ा सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में सबसे ज्यादा है।

चैरमैन दिगंबर दुर्गाडे ने साफ कहा है कि भले ही अजित पवार ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन पुणे जिला बैंक हमेशा उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में काम करता रहेगा।

बता दें कि वरिष्ठ नेता शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अपने गठन के बाद से सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। दरअसल पार्टी के दिग्गज नेता अजित पवार ने जुलाई महीने में बगावत कर दी, जिससे पार्टी दो धड़ों में बंट गई है। अजित दादा अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री है। उनके साथ आठ अन्य एनसीपी नेता भी एकनाथ शिंदे-बीजेपी सरकार में मंत्री के तौर पर शामिल हुए है। जबकि एनसीपी के 40 से ज्यादा विधायक भी अजित दादा के साथ है।