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NCP: पार्थ पवार को संसद भेजने के बाद अब जय को अहम जिम्मेदारी, पटेल-तटकरे को लेकर बड़ी खबर

NCP Sunetra Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ गई है। अजित पवार के बेटे पार्थ के राज्यसभा सांसद बनने के बाद अब छोटे बेटे जय को भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 03, 2026

Sunetra pawar Praful Patel Sunil Tatkare

प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार (Photo: IANS)

महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार के निधन के बाद उनकी सियासी विरासत अब उनके परिवार के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही है। खासकर अजित दादा की पत्नी सुनेत्रा पवार की भूमिका लगातार मजबूत होती नजर आ रही है।

इसी साल 28 जनवरी को पुणे के बारामती में विमान हादसे में अजित दादा की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने न केवल उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, बल्कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नई अध्यक्ष भी बनीं। अब इस कड़ी में परिवार की अगली पीढ़ी को भी मुख्यधारा में आगे बढ़ाया जा रहा है। बड़े बेटे पार्थ पवार को पहले ही राज्यसभा भेजकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय किया जा चुका है और अब छोटे बेटे जय पवार को लेकर पार्टी ने एक बड़ा सांगठनिक फैसला लिया है।

पार्टी की 'सर्वोच्च समिति' में एंट्री

अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार को अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की निर्णय लेने वाली सबसे ताकतवर संस्था यानी ‘सर्वोच्च समिति’ में शामिल कर लिया गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि जय पवार एक युवा नेता हैं और अब वे पार्टी के नीतिगत फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके शामिल होने से संगठन को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं के बीच पार्टी की पैठ और गहरी होगी।

निर्वाचन आयोग को दी गई सूचना

जय पवार की इस नियुक्ति को लेकर पार्टी ने आधिकारिक प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा 10 मार्च को भारत निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजा गया था, जिसमें जय पवार को ‘सर्वोच्च समिति’ के सदस्य के रूप में नामित किए जाने की जानकारी दी गई थी।

इस बीच, अजित पवार के निधन के बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा पार्टी पर कब्जा करने के आरोपों पर पार्थ पवार ने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया जा रहा, उनको लेकर बेबुनियाद और मनगढ़ंत खबरें फैलाई जा रही है।

प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को लेकर पार्थ ने क्या कहा?

बता दें कि सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को चुनाव आयोग को अपनी नियुक्ति की जानकारी दी थी। इसके साथ उन्होंने 14 पदाधिकारियों की सूची भी भेजी। इस सूची में खुद को पार्टी अध्यक्ष और शिवाजीराव गार्जे को कोषाध्यक्ष बताया गया है। हालांकि, इस सूची में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल जैसे बड़े नेताओं के पदों का कोई जिक्र नहीं था। जबकि प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और सुनील तटकरे महाराष्ट्र एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। यही बात राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया।

पार्थ पवार ने कहा कि पटेल और तटकरे ने दशकों से प्रतिबद्धता और नेतृत्व का प्रदर्शन किया है, जो पार्टी का मार्गदर्शन करता आ रहा है। लेकिन इस तरह के निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इनकी निंदा की जानी चाहिए। उनका यह बयान उन अटकलों के बीच आया है कि उनकी मां और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पटेल और तटकरे से नाराज हैं।

एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता रोहित पवार ने पिछले महीने दावा किया था कि सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति की सूचना दी थी और कहा था कि उनके पति अजित पवार के निधन के बाद पार्टी से प्राप्त किसी भी संदेश को नजरअंदाज कर दिया जाए।

रोहित पवार ने दावा किया था कि 28 जनवरी को अजित पवार की मौत से ठीक 18 दिन बाद 16 फरवरी को चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र में अजित गुट के नेताओं के एक ग्रुप ने पार्टी के संविधान में बदलाव करके कार्यकारी अध्यक्ष को अजित पवार के सारे अधिकार देने की मांग की थी। इस पत्र की जानकारी न तो सुनेत्रा पवार को और न ही पार्थ और जय पवार को दी गई थी। वहीं, इस संबंध में पटेल और तटकरे द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से भी सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं थीं।