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नशीला पानी पिलाकर दरिंदगी की! अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ीं, छठे रेप मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी

Ashok Kharat Rape Case: अशोक खरात पर यौन शोषण के छठे मामले की पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता अपनी निजी समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे अपनी कथित शक्तियों से डराया और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर रेप किया।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 24, 2026

Ashok Kharat rape case

ढोंगी अशोक खरात का एक और घिनौना खेल उजागर

महाराष्ट्र के नासिक के पाखंडी बाबा अशोक खरात के खिलाफ कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। खरात को महिलाओं के यौन शोषण के छठे मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को नासिक की एक अदालत में हुई।

शुक्रवार को नासिक की एक अदालत ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात को बलात्कार के छठे मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपी खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उस पर अब तक महिलाओं के यौन उत्पीड़न के कम से कम 8 मामले दर्ज हो चुके हैं।  

अशोक खरात पर कई गंभीर आरोप

पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी अशोक खरात को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। उस पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने के साथ ही कथित दैवीय शक्तियों और काला जादू का दावा कर बड़े पैमाने पर आर्थिक ठगी करने का भी आरोप हैं। नासिक और अहिल्यानगर जिलों में उसके खिलाफ अब तक 12 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनकी जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है।

क्या है छठा मामला?

अशोक खरात के खिलाफ दर्ज छठे मामले में गंभीर आरोप लगाये गए हैं। अभियोजन पक्ष ने आज अदालत को बताया कि पीड़ित युवती अपनी निजी समस्याओं के समाधान के लिए खरात के पास गई थी। उसने पीड़िता को नशीला पदार्थ मिला हुआ पानी पिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, ढोंगी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी के आगे मुंह खोला तो वह अपनी कथित शक्तियों से उसके पूरे परिवार को बर्बाद कर देगा। पुलिस के अनुसार, उसने पीड़िता के परिवार के आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में रख लिए थे।

नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म का आरोप

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी ने पीड़िता को पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और उसके बाद दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, उसने युवती से कुछ धार्मिक अनुष्ठान भी करवाए। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई

सुरक्षा कारणों को देखते हुए आज भी कोर्ट की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई। पुलिस ने खरात की चार दिन की हिरासत की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

बचाव पक्ष ने उठाए सवाल, SIT ने दी सफाई

आरोपी के वकील सचिन भाटे ने दलील दी कि पुलिस हर मामले में एक जैसी परिस्थितियों का हवाला देकर बार-बार हिरासत मांग रही है। हालांकि, एसआईटी की ओर से पुलिस अधिकारी रवींद्र मांजरे ने कोर्ट में कहा कि हर केस अलग है और पीड़िताओं व घटनाओं की समयावधि भी अलग-अलग है, इसलिए विस्तृत जांच जरूरी है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने खरात को 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। फिलहाल एसआईटी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।