
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस
BMC Elections 2022: महाराष्ट्र में भले ही बीजेपी और शिवसेना का शिंदे गुट एकजुट होकर सत्ता में है, लेकिन दोनों दलों के बीच बंटवारे की राजनीति लगातार जारी रही है। आरोप है कि बीजेपी और शिंदे गुट एक दूसरे के नेताओं को अपने साथ लेने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। यह मुद्दा हाईकमान तक भी पहुंचा था। तब बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने एक-दूसरे के नेताओं को नहीं तोड़ने का आदेश दिया था। हालांकि मुंबई नगर निकाय चुनाव (बीएमसी चुनाव) से पहले इस आदेश की धज्जियां उड़ाने की घटना मुंबई में हुई है। शिंदे गुट (Balasahebchi Shiv Sena) में बीजेपी के महामंत्री शामिल हुए है।
मुंबई नगर निकाय चुनाव से पहले शिंदे खेमे ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया है। शिवसेना बालासाहेब ठाकरे धड़े ने कथित तौर पर बीजेपी महामंत्री की नाराजगी का फायदा उठाते हुए उन्हें अपने साथ शामिल कर लिया है। यह भी पढ़े-Maharashtra: संजय राउत को नहीं मिली जमानत, PMLA कोर्ट ने न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ाई
मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी उत्तर भारत प्रकोष्ठ के महामंत्री राम यादव और उनकी पत्नी रेखा यादव शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इससे आगामी बीएमसी चुनाव में शिंदे खेमे को उत्तर भारतीय मतदाताओं को आकर्षित करने का बढ़िया मौका मिल गया है।
बीजेपी के उत्तर भारत प्रकोष्ठ के महामंत्री राम यादव और उनकी पत्नी रेखा यादव का शिंदे गुट में जाना बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार की मौजूदगी में यादव दंपत्ति शिंदे गुट में शामिल हुए।
बीजेपी छोड़कर बालासाहेबांची शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुई राम यादव की पत्नी रेखा यादव ने विधायक मनीषा चौधरी पर बिना नाम लिए गंभीर आरोप लगाए हैं। रेखा यादव ने कहा कि हम नाराज हैं, जब हम महिला नेता के कार्यालय में जाते थे तो हमें बैठने नहीं दिया जाता था और यहां तक कि मिलने भी नहीं दिया जाता था।
पूर्व बीजेपी नेता राम यादव ने कहा, थोड़ी नाराजगी थी। लेकिन, अब बीजेपी और बालासाहेबांची शिवसेना के बीच गठबंधन है। राम यादव ने कहा कि नगर निगम में जो भी प्रत्याशी होगा उसकी जीत होगी।
गौरतलब हो कि विधायक प्रकाश सुर्वे ने दावा किया है कि शिंदे खेमे ने बीजेपी के उत्तर भारतीय मोर्चा के महामंत्री राम यादव को टिकट देने का वादा किया है। रेखा यादव ने वार्ड नंबर 1 से निर्दलीय पार्षद के रूप में चुनाव लड़ा है और राम यादव बीजेपी उत्तर भारतीय मोर्चा के महामंत्री थे।
राज्य में बीजेपी और शिंदे गुट की सरकार है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तस्वीर कुछ और ही है। शिंदे खेमे के कई पार्षद, कार्यकर्ता, पदाधिकारी बीजेपी में शामिल हुए हैं। जबकि शिंदे गुट में भी बीजेपी के कई पदाधिकारी शामिल हुए हैं।
Published on:
19 Oct 2022 09:52 am
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