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BMC चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे को लगा एक और झटका, शिंदे-फडणवीस सरकार ने मुंबई में बढ़ाए गए 9 वार्ड किए रद्द

Mumbai New Wards Canceled: शिवसेना नीत बीएमसी ने वार्डों को आपस में जोड़कर, उनका पुन:गठन करके और परिसीमन आदि के माध्यम से नगर निकाय के वार्डों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी थी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 03, 2022

Shiv Sena Chief Uddhav Thackeray Slams Eknath Shinde warn BJP

उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पा निशाना साधा

Mumbai BMC Election 2022: महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका दिया है। बुधवार को महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के दौरान मुंबई में बढ़ाये गए वार्डो की संख्या को रद्द कर दिया गया है। यानि अब मुंबई में 2017 के वार्ड ढांचे के अनुसार ही बृहन्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव होंगे।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज हुई बैठक में यह फैसला किया है। कहा जा रहा है कि यह शिवसेना के लिए एक बड़ा झटका है। बताया गया है कि पूर्व की उद्धव ठाकरे सरकार द्वारा अवैध तरीके से वार्डों की संख्या को बढ़ाया गया था। इसलिए नए वार्ड संरचना को रद्द कर दिया गया है और इसे 2011 की जनगणना के अनुसार 2017 में तय किये गए वार्ड ढांचे की तरह ही रखा जाएगा। यह भी पढ़े-Maharashtra: बागी उदय सामंत की कार पर हमले के बाद उद्धव ठाकरे की चेतावनी, कहा- अब तक गुलाब देखा है, अब कांटे देखो

गौरतलब है कि शिवसेना नीत बीएमसी ने वार्डों को आपस में जोड़कर, उनका पुन:गठन करके और परिसीमन आदि के माध्यम से नगर निकाय के वार्डों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी थी। बीएमसी ने इस साल होने वाले नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए सीटें आरक्षित करने के लिए हाल ही में लॉटरी भी निकाली थी।

इसी हफ्ते कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करके उनसे मुंबई नगर निकाय के वार्डों का परिसीमन और सीमांकन रद्द करने की मांग की थी। शिवसेना का नाम लिए बगैर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कहा था कि एक पार्टी के लाभ के लिए परिसीमन और सीमांकन करना अनैतिक और संविधान के विरूद्ध है। उन्होंने बीएमसी चुनाव निष्पक्ष रूप से कराने की मांग की थी। बीजेपी भी मुंबई में नए वार्डों के गठन का विरोध कर रही थी।

बता दें कि शिंदे सरकार के इस कदम से मुंबई के साथ ही अब राज्य में आगामी सभी चुनाव पुराने वार्ड ढांचे के अनुसार ही होंगे। बीएमसी देश का सबसे प्रतिष्ठित और धनी शहरी स्थानीय निकाय है। जिसपर लंबे समय से शिवसेना का शासन रहा है।