हाईकोट ने कहा, जबरन मेडिकल तरीके से या प्राकृतिक प्रसव से यदि आज बच्चा जिंदा पैदा होगा तो हम बच्चे को 12 सप्ताह के बाद मेडिकल देखरेख में जन्म देने दे सकते हैं। यदि बाद में याचिकाकर्ता बच्चे को अनाथालय में देना चाहती है, तो उसे ऐसा करने की स्वतंत्रता होगी।