अदालत ने कहा कि पति ने अपनी वास्तविक आय छिपाई लेकिन जिरह में उसने स्वीकार किया कि वह 2005 से सऊदी अरब में केमिकल इंजीनियर है और उसके पास 14 साल का अनुभव है। उसकी मासिक आय लगभग 3,50,000 लाख रूपये है। अदालत ने कहा कि पत्नी उस जीवनशैली और स्टैंडर्ड को बनाए रखने की हकदार है, जैसे उसका पति के साथ रहने के दौरान था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पति की याचिका को खारिज कर दिया।