ये पूरा कानूनी शिकंजा 26 सितंबर, 2026 को मुंबई के डी.एन. नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई एक एफआईआर (FIR) से शुरू हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दो प्रोडक्शन कंपनियों के बीच तय मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी (SOP) के नियमों को ताक पर रखकर 3,92,76,308 रुपये का भुगतान किया गया। इस मामले में कुलदीप सिंह चंपावत की संलिप्तता को लेकर सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।