
रेलवे की बड़ी कार्रवाई, 15.46 लाख अनधिकृत यात्रियों से वसूला 121 करोड़ का जुर्माना (Photo: IANS/File)
Without Ticket Passenger Fine: मध्य रेल ने बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच मध्य रेल की टिकट जांच टीमों ने 15.46 लाख यात्रियों को बिना टिकट, अनुचित या अमान्य यात्रा प्राधिकरण के साथ पकड़ा और उनसे 121.31 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। यानी औसतन हर दिन करीब 13 हजार यात्रियों पर कार्रवाई हुई और लगभग 1 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पिछले साल इसी अवधि यानी अप्रैल से जुलाई 2025 में 14.42 लाख मामले सामने आए थे और 86.73 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था। इस तरह इस साल मामलों की संख्या में 7 प्रतिशत से अधिक और जुर्माना वसूली में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच जुर्माना वसूली में मध्य रेल का मुंबई मंडल सबसे आगे रहा। मुंबई मंडल में 7.40 लाख मामले पकड़े गए और यात्रियों से 49.50 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। इसके बाद भुसावल मंडल में 3.05 लाख मामलों से 31.99 करोड़, पुणे मंडल में 1.57 लाख मामलों से 13.62 करोड़ और नागपुर मंडल में 1.86 लाख मामलों से 13.77 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
जुलाई में भी टिकट जांच अभियान का असर देखने को मिला। इस महीने मध्य रेल की टीमों ने 2.60 लाख यात्रियों को बिना टिकट या वैध यात्रा प्राधिकरण के पकड़ा। जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 3.08 लाख था। हालांकि, मामलों की संख्या घटने के बावजूद जुर्माना वसूली में बड़ी बढ़ोतरी हुई। जुलाई 2026 में मध्य रेल ने 20.10 करोड़ का जुर्माना वसूला, जबकि जुलाई 2025 में यह राशि 16 करोड़ थी।
रेलवे के नियमों के अनुसार, वैध टिकट के बिना यात्रा करना दंडनीय अपराध है। बिना टिकट यात्रा से रेलवे के राजस्व को नुकसान होता है। बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने हाल ही में न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। जुर्माने में बढ़ोतरी के बाद मध्य रेल ने अपने पूरे नेटवर्क पर टिकट जांच अभियान को और तेज किया है।
मध्य रेल की टीमें केवल लंबी दूरी की ट्रेनों में ही नहीं, बल्कि मुंबई और पुणे मंडल की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में भी टिकट जांच कर रही हैं। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेनों तथा विशेष ट्रेनों में भी जांच अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों को वैध टिकट के साथ यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करना और सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित व सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित करना है।
Updated on:
13 Aug 2026, 3:47 PM IST
Published on:
13 Aug 2026, 3:47 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.