
प्रतीकात्मक तस्वीर
DRI gold smuggling bust: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कार्रवाई ने एक ऐसे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो काफी समय से चुपचाप अपना काम कर रहा था। नैरोबी से मुंबई पहुंचे यात्रियों को जब रोक कर उनकी जांच की गई तो जांच में बड़ा खुलासा हुआ। 24 विदेशी महिला यात्रियों के पास से 30 किलो सोना बरामद हुआ। इस सोने की कीमत 37 से 38 करोड़ रुपये के बीच मानी जा रही है। जांच के आगे बढ़ने पर यह पूरा मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहा है।
जांच एजेंसियों को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। इन महिलाओं को बकायदा सोना तस्करी के लिए ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें सिखाया गया था कि सोना कैसे और कहां छुपाना है, कैसे सामान्य तरीके से बर्ताव करना है और जांच के समय कैसे बिना घबराए जवाब देना है। इसी वजह से शुरुआत में किसी को इन पर शक नहीं हुआ। इससे साफ समझ आता है कि यह कोई छोटा मामला नहीं है, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ काम करने वाला बड़ा गिरोह है।
इस गिरोह में महिलाओं को इसलिए शामिल किया गया था ताकि सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान कम जाए। आम तौर पर महिला यात्रियों पर कम शक किया जाता है और इस रैकेट ने इसी बात का फायदा उठाया। साथ ही ट्रेनिंग दिए जाने की वजह से जांच के दौरान किस तरह से जवाब देने हैं, यह भी सिखाया गया था। इस तरह से इस गिरोह ने बहुत ही सोच समझकर एयरपोर्ट सुरक्षा को भ्रमित करने की साजिश बनाई थी।
DRI अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी यह जानना चाहती है कि इन महिलाओं को कौन भेज रहा था, पैसा कहां से आ रहा था और भारत में इस सोने को कौन खरीद रहा था। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अफ्रीकी देशों से भारत में सोने की तस्करी कर रहा था।
Updated on:
10 Apr 2026, 1:35 PM IST
Published on:
10 Apr 2026, 1:35 PM IST
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