
नसरापुर केस में फांसी की सजा के बाद एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान
Nasrapur Case Verdict: पुणे की विशेष अदालत ने सोमवार को नसरापुर में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में दोषी ठहराए गए 65 वर्षीय भीमराव कांबले को मौत की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह नसरापुर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर तेज गति से पूरी हुई, उसी तरह केतन अग्रवाल हत्याकांड समेत सुनियोजित हत्या और दुष्कर्म के मामलों का भी जल्द निपटारा कराया जाएगा। दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
पुणे के नसरापुर में साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मामले में 65 वर्षीय भीमराव प्रभाकर कांबले को विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
सरकारी पक्ष ने अदालत में इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला बताते हुए मृत्युदंड की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था और अब दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह मामला एक मिसाल है कि महज 58 दिनों के भीतर इस पूरे मुकदमे की सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया गया।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह सबसे पहले न्यायालय और न्यायाधीशों का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई यह घटना बेहद अमानवीय और क्रूर थी। पुलिस ने केवल दो सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल की और जांच के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण साक्ष्य नहीं छोड़ा। सभी सबूत अदालत के सामने प्रभावी ढंग से पेश किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई।
शिंदे ने कहा कि इस तरह के फैसलों से अपराधियों में कानून का डर पैदा होगा और भविष्य में ऐसे जघन्य अपराध करने से पहले लोग सौ बार सोचेंगे।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मुख्यमंत्री व गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस अधिकारियों, जांच एजेंसियों और सरकारी वकीलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने इस मामले की लगातार निगरानी की और मजबूत तरीके से अदालत में पक्ष रखा, जिसकी बदौलत दोषी को कड़ी सजा मिल सकी।
इस दौरान शिंदे ने कहा कि केतन अग्रवाल हत्याकांड जैसे जिन मामलों में सुनियोजित हत्या या दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं, उन्हें भी फास्ट ट्रैक अदालतों में प्राथमिकता के आधार पर चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "केतन अग्रवाल जैसे मामलों में, जहां साजिश रचकर हत्या की गई हो या दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध हुए हों, ऐसे मामलों का भी फास्ट ट्रैक पर निपटारा किया जाएगा ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।"
शिंदे ने भरोसा जताया कि गंभीर अपराधों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
Updated on:
29 Jun 2026 02:29 pm
Published on:
29 Jun 2026 02:05 pm
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