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नवी मुंबई में बर्फ से बनी गणेश मूर्ति बना आकर्षण का केंद्र, पर्यावरण को लेकर दिया ये खास संदेश

इस बार पूरे दो साल बाद गणपति बप्पा धूमधाम से बाजों-नगाड़ों के साथ आ रहे हैं। इस बार गणपति पूजा की तैयारियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। गणेश उत्सव का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। शिव-गौरी नंदन अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए उनके घरों में विराजते हैं। मुंबई में गणेश उत्सव पर काफी धूम रहती है।
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Snow Ganesh

कोरोना महामारी की वजह से पूरे 2 साल बाद गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाये जानें की तैयारियां हो रहीं हैं। मार्केट में गणपति बप्पा की मूर्तियां बनाई जा रहीं हैं। 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी 31 अगस्त यानी बुधवार से होगा। मुंबई में जोरशोर से तैयारियां पूरी की जा रही है। शहर में चारों तरफ बप्पा की मूर्तियां बनते हुए दिखाई दे रही है।

इस बीच नवी मुंबई के सीवुड्स ग्रैंड सेंट्रल मॉल के भीतर स्नोवर्ल्ड में बर्फ से भगवान गणेश की मूर्ति बनाई गई है। इस मूर्ति को -10 डिग्री की बेहद ठंडे वातावरण में करीब चार मूर्तिकारों ने मिलकर बनाया है। इस मूर्ति को बनाने के लिए 400 किलो बर्फ का इस्तेमाल किया गया है। इस मूर्ति को बनाने में करीब 12 दिन लगे है। यह भी पढ़ें: मुंबई के इस हॉस्पिटल से गायब हो रहे हैं मरीज! 5 साल में 450 से अधिक पेशंट फरार, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

बता दें कि स्नोवर्ल्ड के प्रबंधक ने बताया कि यहां सामान्य तरीके से भगवान गणेश की पूजा की जाती है। 10 दिनों तक पूजा करने के बाद इस मूर्ति का विसर्जन पास के कृत्रिम तालाब में किया जाएगा। ये गणेश जी की मूर्ति पर्यावरण हितैषी है। समाज में पर्यावरण हितौषी मूर्तियों को बढ़ाना देने के लिए ये शानदार पहल स्नोवर्ल्ड की तरफ से किया गया है। ये मूर्ति सांचे नहीं नहीं बनाई गई है। ये हाथ से बनाई हुई मूर्ति है। इस मूर्ति में किसी भी प्रकार का कोई केमिकल इस्तेमाल नहीं किया गया है।

बता दें कि स्नोवर्ल्ड के प्रबंधक ने आगे बताया कि ये 6 फीट की मूर्ति है। ये नेचुरल स्नो से बनाई हुई मूर्ति है। इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं होगा। इस डेकोरेशन बाम्बू और गोनी से किया गया है। इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। हम लोगों तक यही संदेश पहुचाना चाहते है कि हमें पर्यावरण का ख्याल रखना चाहिए। ये 100 प्रतिशत इको-फ्रेंडली गणपति है।

गणेश चतुर्थी का त्योहार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर अगले 10 दिनों तक मनाया जाता है। अंतिम दिन चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा के बाद उनका विसर्जन करते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस बार गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को है।

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