
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड अपडेट (Photo: IANS/File)
मुंबई में पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों को जोड़ने वाली अहम परियोजना गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) में देरी पर अब सख्ती शुरू हो गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जीएमएलआर परियोजना के तहत दिंडोशी कोर्ट से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक बन रहे फ्लाईओवर के काम में सुस्ती बरतने पर ठेकेदार को 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बुधवार को साइट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ठेकेदार तय समय-सारणी के अनुसार काम नहीं कर रहा है, जिससे परियोजना के पूरा होने का समय प्रभावित हो रही है।
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना का उद्देश्य शहर के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच ट्रैफिक जाम कम करना और नागरिकों को तेज, सुगम और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। यह परियोजना चार चरणों में प्रस्तावित है। इसके तहत लगभग 12.20 किलोमीटर का मार्ग बनाया जा रहा है, जिसमें 4.70 किमी की दो भूमिगत सुरंगें भी शामिल हैं।
चरण 3(ए) के तहत 1.26 किमी लंबा फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोटरी का निर्माण किया जा रहा है। फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से शुरू होकर रत्नागिरी जंक्शन होटल के पास 90 डिग्री के कोण पर मुड़ता है और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी पर समाप्त होता है।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कुल 31 खंभों का निर्माण पूरा हो चुका है। 30 में से 20 स्पैन का काम भी पूरा कर लिया गया है। कुल मिलाकर लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि अभी 10 स्पैन, बीम लगाने, डेक स्लैब डालने और पहुंच मार्ग का काम बाकी है।
बीएमसी ने मानसून से पहले काम पूरा कर 31 मई 2026 तक फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए साइट पर जनशक्ति और मशीनरी बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी के पास फ्लाईओवर की लैंडिंग तक पहुंचने वाली सड़क में जल निकाय, सीवेज नालियां और अदानी पावर के ट्रांसफार्मर बाधा बन रहे हैं। इन्हें तत्काल स्थानांतरित करने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्माण कार्य में और देरी न हो।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने गोरेगांव स्थित चित्रनगरी क्षेत्र में प्रस्तावित दोहरी सुरंगों (ट्विन टनल) के ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ स्थल का भी दौरा किया। इस परियोजना में अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
लॉन्चिंग शाफ्ट की लंबाई करीब 200 मीटर, चौड़ाई 50 मीटर और गहराई 30 मीटर है। खुदाई का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब क्रैडल का काम शुरू हो गया है। इसके लिए 800 मीट्रिक टन और 350 मीट्रिक टन क्षमता वाली क्रेनों की आवश्यकता है। 350 मीट्रिक टन वाली क्रेन साइट पर पहुंच चुकी है, जबकि दूसरी क्रेन फरवरी के अंत तक आने की उम्मीद है।
वर्तमान में गोरेगाव से मुलुंड जाने के लिए यात्रियों को जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) या घोडबंदर रोड का चक्कर लगाना पड़ता है, जिसमें लगभग 75 से 90 मिनट लगते हैं। लेकिन निर्माणाधीन 12.2 किमी लंबा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (गोरेगांव) को सीधे ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (मुलुंड) से जोड़ेगा। इससे न केवल लगभग 50 मिनट का समय बचेगा, बल्कि इंधन की खपत और प्रदूषण में भी सुधार होगा।
करीब 14,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट मुंबई को मजबूत पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी देगा। पहले चरण में दिंडोशी कोर्ट से संजय गांधी नेशनल पार्क तक 1.2 किमी फ्लाईओवर, दूसरे में गोरेगाव पूर्व और मुलुंड पश्चिम में सड़क चौड़ीकरण व नए इंटरचेंज, तीसरे में फिल्म सिटी क्षेत्र में 4.7 किमी लंबे दो समानांतर भूमिगत सुरंगें (ट्विन टनल) और चौथे चरण में मुलुंड के पास लूप व अंडरपास के साथ बड़ा इंटरचेंज बनाया जा रहा है। 2028 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Published on:
19 Feb 2026 04:56 pm
