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मुंबई में इन 5 जगहों पर जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है गुड़ी पड़वा, आप भी बन सकते हैं हिस्सा

Gudi Padwa Celebration: मुंबई की शोभायात्रा आमतौर पर बहुत जीवंत और रंगीन होती हैं और इसमें विभिन्न रीति-रिवाज और अनुष्ठान शामिल होते हैं। इस दिन लोग बड़े उत्साह और उमंग के साथ शोभायात्रा निकालते है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 19, 2023

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गुड़ी पड़वा उत्सव 2023

Gudi Padwa 2023 Celebration in Mumbai: महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa) का त्‍योहार बड़े जोश और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व महाराष्ट्र में लोगों के लिए नए साल (Maharashtra New Year) की शुरुआत का प्रतीक है। यह हिंदू लूनिसोलर कैलेंडर (Hindu Lunisolar Calendar) के अनुसार चैत्र महीने के पहले दिन गुड़ी पड़वा त्‍योहार पड़ता है, जो इस साल 22 मार्च को है।

महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा को बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन लोग बड़े उत्साह और उमंग के साथ शोभायात्रा निकालते है। लोग, विशेषकर महिलाएं पारंपरिक पोशाक में महाराष्ट्रीयन नव वर्ष (Maharashtrian New Year) का जश्न मनाने के लिए शोभायात्रा में भाग लेती हैं। इस तरह की शोभायात्रा मुंबई के कई हिस्सों में आयोजित होती है। यह भी पढ़े-Narali Purnima 2022: नारली पूर्णिमा पर महाराष्ट्र में क्यों होती है समुद्र की पूजा, जानिए इससे जुड़ी विशेष बातें


मुंबई की शोभायात्रा आमतौर पर बहुत जीवंत और रंगीन होती हैं और इसमें विभिन्न रीति-रिवाज और अनुष्ठान शामिल होते हैं। आगे हम गुड़ी पड़वा मनाने के लिए मुंबई की कुछ बेहतरीन जगहों (Mumbai Gudi Padwa Celebration Best Places) के बारे में बता रहे है, जहां शिरकत कर आप नए साल को जीवंत और आनंदमय तरीके से सेलिब्रेट कर सकते हैं।

मुंबई चौपाटी

मुंबई में चौपाटी बीच गुड़ी पड़वा समारोह के प्रमुख स्थानों में से एक है। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग इस खास पर्व को मनाने पहुंचते है। इस दौरान रथ पर गुड़ी का भव्य जुलूस निकाला जाता हैं, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इस शोभायात्रा के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गीतों की धुन के बीच बड़ी संख्या में लोग थिरकते है।


गणेश मंदिर, डोंबिवली

गुड़ी पड़वा त्योहार डोंबिवली के गणेश मंदिर में यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिर को फूल, लाइट और रंगोली से सजाया जाता है। भगवान गणेश की मूर्ति को नए कपड़ों और गहनों से सजाया जाता है. बड़ी संख्या में यहां भक्त पहुंचते है और आने वाले समृद्ध वर्ष के लिए भगवान का आशीर्वाद लेते है। गणेश मंदिर में उत्सव का मुख्य आकर्षण गुड़ी उत्थापन होता है, जो मंदिर के पुजारी द्वारा किया जाता है। इसके बाद गुड़ी की पूजा की जाती है और लोग भी इसकी पूजा करते हैं। इस दौरान मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। पारंपरिक महाराष्ट्रीयन भोजन जैसे पूरन पोली, श्रीखंड, और आम रस को भक्तों को प्रसाद के रूप में परोसा जाता है।


गिरगांव

मुंबई के गिरगांव में इस उत्सव के मौके पर गुड़ी का रंगीन व भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। यह शोभायात्रा गिरगाँव चौपाटी समुद्र तट से शुरू होती है और आस-पड़ोस की विभिन्न गलियों और सड़कों से होकर गुजरती है। गुड़ी को एक सजाए गए रथ पर ले जाया जाता है। इस दौरान लोग ढोल-ताशा और लेज़िम जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते-नाचते है। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण नारियल फोड़ना है, जो शोभायात्रा के अंत में किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि नारियल फोड़कर अहंकार के तोड़ा जाता है और जीवन के एक नए चक्र की शुरुआत होती है। इसमें महाराष्ट्र की जीवंत संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखती हैं।


शिवाजी पार्क, दादर

मुंबई के दादर में हर साल गुड़ी पड़वा का भव्य समारोह आयोजित होता है। यहां के प्रसिद्ध शिवाजी पार्क को रंगीन बैनरों, लाइटो और फूलों से सजाया जाता है। यहां से एक विशाल जुलूस निकाला जाता है। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती है।


ठाणे

मुंबई के करीब ठाणे में भी गुड़ी पड़वा उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां एक मेगा स्वागत यात्रा आयोजित की जाती है, जो बहुत प्रसिद्ध है। इसमें सड़कों को रंगोली और रंग-बिरंगे बैनरों से सजाया जाता है। स्थानीय समुदाय विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जुलूसों का आयोजन करता है। जहां लोग पारंपरिक परिधानों में पहुंचते है और इस शुभ दिन को सेलिब्रेट करते है।