
RSS मामले पर बोले IPS विश्वास नांगरे पाटिल, राज ठाकरे के आरोपों को नकारा (Photo: IANS)
IPS Vishwas Nangare Patil: नागपुर के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने पदभार संभालने के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम में दिए गए अपने भाषण को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को नवी मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया उनका भाषण पूरी तरह कानून के दायरे में था और उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया।
नवी मुंबई के सानपाड़ा में सकल हिंदू समाज द्वारा 19 अप्रैल को आयोजित हिंदू सम्मेलन में दिए गए आईपीएस नांगरे पाटिल के भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले सप्ताह वायरल हुआ था। आरएसएस की कथित प्रशंसा करने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे सहित कई नेताओं ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पर कटाक्ष किया था।
नागपुर पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में विश्वास नांगरे पाटिल ने कहा, "मैंने जो कुछ भी कहा, वह पूरी तरह कानून के दायरे में था। मैंने आचरण संबंधी किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। यह कार्यक्रम 19 अप्रैल को सानपाड़ा में आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम के लिए मुझे कई प्रतिष्ठित लोगों ने आमंत्रित किया था और वह निमंत्रण आज भी मेरे पास सुरक्षित है। कार्यालय का काम खत्म होने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे मैं वहां पहुंचा था। यह कार्यक्रम योग और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए था।“
पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “मैं केवल किसी एक संगठन के कार्यक्रमों में नहीं जाता हूं। मैं अलग-अलग समुदायों के कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी नियमित रूप से भाग लेता हूं। इसके पीछे मेरा मकसद समाज में जागरूकता फैलाना और सकारात्मक विचार रखना है। यह मेरी जनसंपर्क गतिविधियों का हिस्सा है।"
आईपीएस विश्वास नांगरे पाटिल ने कहा, “मैं सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करता हूं। मैं भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी हूं और मेरी प्रतिबद्धता केवल संविधान के प्रति है। नागपुर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की दीक्षाभूमि है और मैं संवैधानिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।’’
इससे पहले राज ठाकरे ने विश्वास नांगरे पाटिल की आलोचना करते हुए कहा था कि यदि उन्हें आरएसएस के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी प्रशंसा व्यक्त करनी है तो उन्हें पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर इस संगठन में शामिल हो जाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा था कि इससे आईपीएस अधिकारी की निष्पक्षता और सेवा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Updated on:
30 Jun 2026 10:03 am
Published on:
30 Jun 2026 10:00 am
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