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लाडली बहनों को झटका! अपात्र लाभार्थियों पर हो रही सीधी कार्रवाई, सरकार ने वसूले करोड़ों रुपये

Maharashtra Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र सरकार मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के तहत हर महीने करीब 3,700 करोड़ रुपये लाभार्थियों में बांटती है, जिसमें हर पात्र महिला को 1,500 रुपये दिए जाते हैं। हालांकि, ई-केवाईसी के बाद लाडली बहनों की संख्या में बड़ी कमी आई है। इस साल बजट में योजना के लिए 26,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल के 36,000 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 26, 2026

Maharashtra Ladli Behna Yojana Updates

Ladki Bahin Yojna Update

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भाजपा नीत महायुति सरकार ने योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाली अपात्र महिलाओं पर कार्रवाई तेज कर दी है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अब तक अपात्र पाई गई महिलाओं से 11 करोड़ रुपये की वसूली की है। इस कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने गलत जानकारी देकर योजना का लाभ उठाया था।

अपात्र पाई गईं महिलाओं से वसूली अभियान तेज

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया था कि यह लाभ केवल आर्थिक तौर पर कमजोर पात्र महिलाओं को ही मिलेगा। जांच में सामने आया है कि राज्य भर में 12,915 लाभार्थी झूठी जानकारी देकर अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उठा रहे थे। इनमें से 6,457 महिलाओं से अब तक 11 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। महिला एवं बाल कल्याण सचिव डॉ. अनुप कुमार यादव ने ग्राम विकास विभाग से रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

सरकारी कर्मचारियों ने भी मारी सेंध, 3.58 करोड़ रुपये डकारे

सबसे ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा सरकारी कर्मचारियों को लेकर हुआ है। जांच में पता चला है कि 2,652 सरकारी महिला कर्मचारियों ने भी इस योजना के लिए आवेदन किया और हर महीने पैसे लिये। इन महिला कर्मचारियों ने सरकार को लगभग 3 करोड़ 58 लाख रुपये का चूना लगाया है। बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों ने 18,000 रुपये से 21,000 रुपये तक की राशि डकार ली। सरकार ने अब इनसे पाई-पाई वसूलने का काम शुरू कर दिया है और लगभग आधी रकम वसूल भी ली गई है।

नहीं बंद होगी योजना, e-KYC से अपात्र लाभार्थी होंगे बाहर

राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकारी कर्मचारी या ढाई लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोग इस योजना के पात्र नहीं हैं। केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया अनिवार्य करने के बाद ऐसे लाखों फर्जी लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया है।

गौरतलब हो कि 68 लाख लाडली बहनों ने 31 मार्च तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की थी, इस वजह से उनके खाते बंद कर दिए गए, जिससे सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है। हालांकि राज्य सरकार ने ई-केवाईसी पूरा करने का एक और मौका दिया है और 30 अप्रैल 2026 तक इसे पूरा करने की अपील की है।

महाराष्ट्र सरकार लाडकी बहीन योजना के तहत हर महीने करीब 3,700 करोड़ रुपये लाभार्थियों में बांटती है, जिसमें हर पात्र महिला को 1,500 रुपये दिए जाते हैं। हालांकि, ई-केवाईसी के बाद लाडली बहनों की संख्या में बड़ी कमी आई है। इस साल बजट में योजना के लिए 26,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल के 36,000 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है।

इस बीच, विपक्ष के आरोपों के बीच महायुति सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र और जरूरतमंद महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी, बल्कि इसे और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि सही लाभार्थियों तक पूरा लाभ पहुंच सके।