9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को नहीं मिली जमानत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने टाली सुनवाई

Maharashtra 100 Crore Extortion Case: बीते साल मार्च 2021 में आईपीएस के वरिष्ठ अधिकारी परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने मुंबई के रेस्टोरेंट और बार से 100 करोड़ रुपये प्रति माह वसूली करने का निर्देश दिया था।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Dec 02, 2022

NCP leader Anil Deshmukh got bail by Bombay High Court

एनसीपी नेता अनिल देशमुख को जमानत मिली

Anil Deshmukh 100 Crore Extortion Case: महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख को झटका लगा है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को देशमुख की जमानत याचिका पर सुनवाई फिर से टाल दी है। इससे लंबे समय से जेल में बंद एनसीपी नेता के आज रिहा होने की उम्मीद ख़त्म हो गई है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान एनसीपी नेता अनिल देशमुख द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई 6 दिसंबर तक के लिए टाल दी। वहीँ, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो कोर्ट (CBI) ने भ्रष्टाचार के मामले में अनिल देशमुख की न्यायिक हिरासत मांगी है और उनकी जमानत याचिका का विरोध किया है। हाल ही में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिली है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में सिंगल यूज प्लास्टिक से सख्त बैन हटा, इन चीजों के उपयोग की अनुमति मिली

सीबीआई का कहना है कि ईडी (Enforcement Directorate) के मामले में देशमुख को जमानत मिलना उसके द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में जमानत का आधार नहीं हो सकता है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप हैं और मामले में जांच चल रही है।

अनिल देशमुख पर क्या है आरोप?

बीते साल मार्च 2021 में आईपीएस के वरिष्ठ अधिकारी परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने मुंबई के रेस्टोरेंट और बार से 100 करोड़ रुपये प्रति माह वसूली करने का निर्देश दिया था। तब देशमुख महाराष्ट्र की पूर्ववर्ती महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में गृहमंत्री के पद पर थे।

देशमुख ने आरोपों का खंडन किया है, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश देने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। इस मामले में देशमुख के खिलाफ ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।