
रामनवमी पर संभाजीनगर में भड़की हिंसा
Maharashtra Aurangabad Violence: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में बीती रात एक प्रसिद्ध राम मंदिर के बाहर भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। अब तक कई आरोपियों को दंगा करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। हिंसा में शामिल दंगाइयों को पकड़ने के लिए पुलिस की 8 से 10 टीमें गठित की गई हैं। जबकि इलाके में 3500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे किराडपुरा इलाके में कुछ युवाओं के बीच मामूली बात पर पहले कहासुनी हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद 500 से अधिक लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड के बॉडीगार्ड का पटरी पर मिला शव, बीजेपी ने लगाया गंभीर आरोप
कई घंटों तक चलता रहा उपद्रव
जानकारी के मुताबिक, दो गुटों में मामूली विवाद के बाद छत्रपति संभाजीनगर में जमकर बवाल हो गया। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस के 8 से 10 वाहनों को फूंक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। यह उपद्रव रात साढ़े तीन बजे तक जारी रही। बाद में मौके पर पहुंची भारी पुलिस बल ने स्थिति पर काबू पाया और अब इलाके में पूरी तरह से शांति है।
छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस कमिश्नर निखिल गुप्ता ने कहा, ‘‘हम नहीं जानते कि हमले में कौन लोग शामिल थे। उनकी संख्या 500 से 600 थी। कुछ युवकों के बीच झड़प के बाद यह घटना हुई। उन्हें पकड़ने के लिए तलाश अभियान जारी है।’’
अब शांतिपूर्ण हुए हालात
उन्होंने ने बताया कि उपद्रवियों ने पथराव किया और पुलिस के कुछ वाहनों में आग लगा दी। उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, अभी स्थिति शांतिपूर्ण है। कुछ इलाकों में मार्च भी किया गया है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील भी की गई है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने उठाये सवाल
महाराष्ट्र विधान परिषद में विरोधी पक्ष नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया है कि रात में संभाजीनगर में जो स्थिति बनी उसके लिए पुलिस कमिश्नर भी जिम्मेदार हैं। उद्धव गुट के नेता दानवे ने दावा किया कि पिछले पंद्रह दिन से पुलिस को खबर थी कि एमआईएम और बीजेपी दोनों अपनी राजनीति के लिए शहर का माहौल खराब कर सकते हैं। इतना ही नहीं मंत्रालय को भी इसकी जानकारी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया. यह मामला गंभीर है, इसलिए दोषियों को तुरंत पकड़ा जाना चाहिए।
सरकार ने दिए कार्रवाई के निर्देश
इस बीच शहर के पालकमंत्री संदिपान भुमरे ने आश्वासन दिया कि उपद्रव करने वालों को रात तक हिरासत में लिया जाएगा। राम मंदिर क्षेत्र में आधी रात को दो गुटों में विवाद के बाद कुछ वाहनों में आग लगा दी गई। भुमरे ने आज सुबह स्थिति का जायजा लिया और पुलिस को उचित निर्देश दिए है।
Published on:
30 Mar 2023 02:13 pm
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