2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

औरंगजेब की तरह फडणवीस भी क्रूर शासक… महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ के बयान पर बवाल, दर्ज हो सकता है केस

Maharashtra Politics : हर्षवर्धन सपकाल ने कथित तौर पर कहा था कि औरंगजेब एक क्रूर शासक था और आज देवेंद्र फडणवीस भी उसी तरह का शासन महाराष्ट्र में चला रहे हैं।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Mar 17, 2025

Maharashtra Devendra Fadnavis

Harshwardhan Sapkal on Devendra Fadnavis : महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर माहौल गरमा गया है। छत्रपति संभाजीनगर के खुल्दाबाद में स्थित मुगल शासक की कब्र को हटाने की मांग हिंदुत्ववादी संगठनों के साथ ही सत्ताधारी पक्ष के नेताओं की ओर से की जा रही है। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने इस मांग को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। इस बीच, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के एक बयान ने सियासत में हलचल मचा दी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तुलना क्रूर शासक औरंगजेब से कर दी। इस मुद्दे पर आज महाराष्ट्र विधानसभा में भी भारी हंगामा हुआ।

सोमवार को महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ के सदस्यों ने सपकाल की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने इसे महाराष्ट्र का अपमान बताते हुए कांग्रेस नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

यह भी पढ़े-वचन देता हूं, औरंगजेब का महिमामंडन किया तो… कब्र विवाद पर CM फडणवीस ने दिया बड़ा बयान

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद बीजेपी नेता प्रवीण डेरेकर ने इस मुद्दे को उठाया और कहा कि राज्य का शासन कुशल ढंग से चला रहे मुख्यमंत्री की तुलना औरंगजेब से करना एक अत्यधिक निंदनीय कृत्य है और महाराष्ट्र का अपमान है।

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री की तुलना औरंगजेब से करना न केवल निंदनीय है बल्कि यह पूरे राज्य का अपमान भी है। सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए। विधानपरिषद में इस बयान को लेकर इतना हंगामा हुआ कि सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधानसभा में कहा कि सपकाल की टिप्पणी का सत्यापन किया जाएगा और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग सिर्फ अपने वरिष्ठ नेताओं को खुश करने और सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की टिप्पणियां करते हैं, लेकिन इससे उनका असली चेहरा उजागर हो जाता है और वोट घट जाते है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी की जाती है, तो इसकी पूरी जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़े-औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए बजरंग दल का प्रदर्शन, विपक्ष बोला- मुख्य मुद्दे से भटका रही सरकार

विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने व्यक्तिगत हमलों से बचने की सलाह दी, लेकिन साथ ही सरकार की ‘औरंगजेब जैसी मानसिकता’ पर सवाल खड़े किए। जबकि कांग्रेस नेता भाई जगताप ने आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए दावा किया कि हर्षवर्धन सपकाल ने ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं है।

इस दौरान सदन में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आश्वासन दिया कि सरकार सपकाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर गंभीरता से विचार करेगी।

क्या है मामला?

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख सपकाल ने रविवार को कहा था, ‘‘औरंगजेब एक क्रूर शासक था। वर्तमान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उतने ही क्रूर शासक हैं। वह हमेशा धर्म से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं, लेकिन सरपंच संतोष देशमुख की हत्या जैसे मामलों पर कुछ नहीं करते।’’