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महाराष्ट्र में कोरोना ने फिर बढ़ाई चिंता, लगातार तीसरे दिन संक्रमण के हजार से ज्यादा केस, 4 की मौत

Maharashtra Coronavirus: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का नियमित ऑडिट करने से पता चला है कि अभी भी रिस्क फैक्टर पहले जैसा ही है। जनवरी से 12 अप्रैल के बीच हुई 53 मौतों में से 31 को मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गंभीर बीमारियां थीं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 14, 2023

Maharashtra Mumbai  Coronavirus Update

महाराष्ट्र में बढ़ा कोरोना का कहर

Maharashtra COVID-19 News: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में शुक्रवार को राज्यभर में कोविड-19 के 1,152 नए मामले दर्ज किए गए हैं। नए मामले सामने आने के बाद राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 5,928 हो गए हैं। इस अवधि में चार संक्रमितों की मौत हुई है। यह लगातार तीसरा दिन है जब कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या एक हजार से ज्यादा है।

स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को ताजा मौतों के मामलों के बाद महाराष्ट्र में मृत्यु दर 1.82 प्रतिशत है। बुलेटिन में कहा कि वर्तमान में राज्य में 5,928 कोरोना के सक्रिय मामले हैं। आज कोविड-19 महामारी से पीड़ित 920 मरीज ठीक हुए और उन्हें पूरी तरह से ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। राज्य में रिकवरी दर 98.11 प्रतिशत है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में विधवा महिलाओं को कहा जाएगा ‘गंगा भागीरथी’, शिंदे सरकार के मंत्री ने जारी किया यह आदेश

एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र में गुरुवार को 1,086 कोविड-19 मामले और एक मौत दर्ज की गई थी, जिसके बाद राज्य में मृतकों की संख्या 1,48,471 हो गया। जबकि बुधवार को राज्य में कोरोना के 1,115 मामले दर्ज किए गए थे।

हाल ही में किये गए एक विश्लेषण से पता चला है कि जनवरी से अब तक राज्य में कोविड-19 से 53 मौतें हुई हैं, जिनमें से 58.5% रोगी पहले से किसी बीमारी (Comorbidities) से पीड़ित थे। कोरोना से जिन्दगी जंग हारने वाले मृतकों में मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (Hypertension) के मरीज सबसे अधिक है। इसके अलावा, अधिकांश मौतें बुजुर्गों की हुईं है।

राज्य के अधिकारियों ने कहा कि कोरोना से होने वाली मौतों का नियमित ऑडिट करने से पता चला है कि अभी भी रिस्क फैक्टर पहले जैसा ही है। जनवरी से 12 अप्रैल के बीच हुई 53 मौतों में से 31 को मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गंभीर बीमारियां थीं।

जनवरी और अप्रैल के बीच मुंबई में हुई छह मौतों में से पांच मृतक 50 वर्ष से अधिक आयु के थे। जबकि एक 36 वर्षीय व्यक्ति की जान गई है, जो टीबी से पीड़ित था। शहर के सभी छह मृतक पहले से किसी बीमारी से पीड़ित थे। मुंबई नगर निगम (BMC) ने वरिष्ठ नागरिकों को सलाह दी है कि वे मास्क पहनना शुरू कर दें। जबकि लोगों को सलाह दी गई है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए और इलाज के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए।