
मुंबई में शोर मचाने वाले डेवलपर्स पर केस दर्ज
Mumbai Silence Zone: महाराष्ट्र (Maharashtra News) के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadanvis) ने बताया कि मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने पांच डेवलपर्स के खिलाफ 'नो कंस्ट्रक्शन वर्क' और साइलेंस जोन के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता फडणवीस ने महाराष्ट्र विधान परिषद (State Legislative Council) में एक लिखित जवाब में यह बात कही है।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को हाल ही में राज्य विधान परिषद में सदन का नेता नियुक्त किया गया है। डिप्टी सीएम ने कहा “मुंबई पुलिस ने पांच डेवलपर्स के खिलाफ 'रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नो कंस्ट्रक्शन वर्क और साइलेंस जोन' के सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए एफआईआर दर्ज की है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र कांग्रेस के मुखिया नाना पटोले ने शिंदे सरकार को घेरा, बोले- पहले हथियार मिला और फिर हमले की धमकी, राज्य सुरक्षित नहीं
जुलाई 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर ध्वनि प्रदूषण के गंभीर प्रभावों का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर और म्यूजिक सिस्टम के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि देश की शीर्ष कोर्ट ने सार्वजनिक आपात वाली स्थिति के मामलों में बैन से छूट दी है।
ध्वनि प्रदूषण के संबंध में मौजूदा नियम (Centre’s Noise Pollution (Regulation and Control) Rules 2000) यह अनिवार्य करते हैं कि आवासीय और साइलेंस जोन जो स्कूलों, अस्पतालों और धार्मिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्र हैं, उनमें अधिकतम शोर स्तर 55 डेसीबल (Decibel) होना चाहिए। जबकि दिन में 50 डीबी (डेसीबल) और रात में 45 डीबी और 40 डीबी होनी चाहिए
Published on:
23 Aug 2022 02:19 pm
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