
उद्धव ठाकरे
Deepak Sawant To Join Eknath Shinde Camp: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री व वफादार शिवसैनिक सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के कुछ घंटे बाद उद्धव ठाकरे को एक और झटका लगाने वाला है। देवेंद्र फडणवीस सरकार के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ दीपक सावंत (Dr Deepak Sawant) ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का हाथ थाम लिया है। सावंत आज अधिकारिक तौर पर शिंदे खेमे में शामिल हो गए।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, "मैं डॉ दीपक सावंत का हमारी शिवसेना पार्टी में स्वागत करता हूं। उनके अनुभव से हमें लाभ होगा।" दीपक सावंत विधान परिषद में पूर्व विधायक रहे हैं। उन्होंने शिवसेना से मुंबई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। जुलाई 2004 में वह पहली बार विधान परिषद की दहलीज पर पहुंचे थे। यह भी पढ़े-उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! वफादार सुभाष देसाई के बेटे भूषण करेंगे शिंदे सेना में एंट्री
दीपक सावंत के तौर पर अब उन नेताओं की सूची में एक और नाम जुड़ गया है जो शिवसेना-बीजेपी गठबंधन या महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA) के दौरान मंत्री रहने के बावजूद असंतुष्ट होकर शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। अब तक रामदास कदम, अर्जुन खोतकर, तानाजी सावंत, विजय शिवतारे, दीपक केसरकर, दादा भुसे, उदय सामंत जैसे कई पूर्व मंत्री एकनाथ शिंदे के साथ जा चुके हैं।
कौन हैं दीपक सावंत?
ठाकरे गुट के नेता दीपक सावंत विधान परिषद सदस्य रहे हैं। उन्होंने शिवसेना से मुंबई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। जुलाई 2004 में उन्हें पहली बार विधान परिषद जाने का मौका मिला था। इसके बाद वह 2006 और 2012 में दोबारा चुने गए। लेकिन तीसरी बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। दिसंबर 2014 में फडणवीस सरकार के दौरान दीपक सावंत को सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया था। साथ ही उन्हें भंडारा व उस्मानाबाद जिले के पालक मंत्री का दायित्व भी सौंपा गया था।
मालूम हो कि इसी साल जनवरी महीने में दीपक सावंत की कार का एक्सीडेंट हो गया था। उनकी कार को मुंबई के करीब काशीमीरा (Kashimira) इलाके में एक डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी थी। वह कुछ बच्चो की मौत के मामले पर चर्चा के लिए पालघर जा रहे थे। इस हादसे में सावंत को गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें आईं थी। एक्सीडेंट के समय सावंत पालघर जिले की मोखड़ा तहसील (Mokhada Tehsil) के सावरदे (Sawarde) गांव जा रहे थे, जहां दो सप्ताह के अंतराल में दो शिशुओं की कुपोषण (Malnutrition) के कारण मौत हो गई थी।
Updated on:
15 Mar 2023 06:53 pm
Published on:
15 Mar 2023 06:48 pm
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