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CBI जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार की परमिशन की जरूरत नहीं, सीएम शिंदे ने महाविकास अघाड़ी का आदेश किया रद्द

Maharashtra Government: 21 अक्टूबर 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सीबीआई को जांच की अनुमति देने से इनकार करने के गृह विभाग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। उस समय अनिल देशमुख राज्य के गृह मंत्री थे।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 21, 2022

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एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने पूर्व की महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार का एक और फैसला पलट दिया है। अब राज्य में सीबीआई को किसी भी मामले में जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। यह आदेश पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार ने लिया था।

जानकारी के मुताबिक, शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) ने सीबीआई जांच शुरू करने की अनिवार्य मंजूरी के उस फैसले को बदलते हुए अब केवल 'जनरल कासेंट' को बहाल कर दिया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार (Maha Vikas Aghadi) ने सीबीआई को महाराष्ट्र में किसी भी मामले की जांच शुरू करने के लिए अनुमति जरूरी कर दी थी। यह भी पढ़े-Maharashtra: शरद पवार के बाद अब साथ आएंगे शिंदे-फडणवीस और राज ठाकरे, राज्य में बन रहे नए सियासी समीकरण!

बता दें कि राज्य में जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब महाविकास अघाड़ी सरकार ने राज्य में सीबीआई की एंट्री पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया था। महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार सीबीआई राज्य सरकार की अनुमति के बिना किसी भी मामले की जांच नहीं कर सकती थी।

ठाकरे सरकार के फैसले को बदलते हुए शिंदे-फडणवीस सरकार ने अब सीबीआई को राज्य में जांच करने की अनुमति बहाल कर दी है। इससे अब बिना राज्य सरकार की अनुमति के सीबीआई जांच का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले से अब सीबीआई राज्य में किसी भी मामले की जांच कर सकती है। इसे महाविकास अघाड़ी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

शिंदे-फडणवीस सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों में बदलाव किया गया है। 21 अक्टूबर 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सीबीआई को जांच की अनुमति देने से इनकार करने के गृह विभाग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। उस समय अनिल देशमुख राज्य के गृह मंत्री थे।

दरअसल सीबीआई ने राज्य में एक के बाद एक ऐसे कई मामलों की जांच शुरू की थी, जिसे एमवीए सरकार ने अपने खिलाफ साजिश बताया था। महाविकास अघाड़ी के नेता लगातार केंद्र सरकार पर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे थे। वर्तमान में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है।