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Maharashtra Hindi News : नमामि गंगे प्रोजेक्ट से कैसे पूरा होगा दक्षिण की गंगा का वनवास

दक्षिण की गंगा ( Ganga ) मानी जाने वाली गोदावरी ( Godawari ) नदी ( River ) का कायाकल्प करने की तैयारी कर ली गई है। वर्षों से मानवीय भूलों से अपनी मूल धारा से विरत होकर दूषित हो रही पवित्र पावनी गोदावरी की कलकल करती धारा बहने का रास्ता फिर से साफ हो गया है।

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मुंबई

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Binod Pandey

Dec 16, 2019

Maharashtra Hindi News : नमामि गंगे प्रोजेक्ट से कैसे पूरा होगा दक्षिण की गंगा का वनवास

Maharashtra Hindi News : नमामि गंगे प्रोजेक्ट से कैसे पूरा होगा दक्षिण की गंगा का वनवास

नासिक. केन्द्र सरकार ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट में देश की नौ नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। इसमें दक्षिण की गंगा मानी जाने वाली गोदावरी नदी को भी शामिल किया गया है। केन्द्र सरकार ने नासिक मनपा को इस संबंध में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) 20 दिसंबर तक Patrika .com/jaipur-news/budget-2019-4798611/" target="_blank">पेश करने को कहा है।


नासिक शहर से होकर गुजरने वाली गोदावरी को विगत कई वर्षों से प्रदूषण की मारी झेलनी पड़ रही है। अतिक्रमण और शहर के गंदे नालों के कारण दिन प्रतिदिन समस्या गंभीर होती जा रही है। प्रदूषण की कई शिकायतों को कोर्ट में ले जाया गया जिसमें कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की है। उच्च न्यायालयने गोदावरी नदी की प्रदूषण को समाप्त करने के लिए हाई पावर कमेटी की रचना की थी। यह कमेटी नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने की दिशा में कार्य कर रही थी। अब केन्द्र सरकार के निर्णय से गोदावरी के कायाकल्प होने की उम्मीद बढ़ गई है।

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शुरू होगा डीपीआर पर काम
केन्द्र सरकार की करीब सौ करोड़ रुपए के इस नमामि गंगे प्रोजेक्ट से सोमेश्वर से अहिल्याबाई होलकर पुल तक करीब पांच किलोमीटर के अंतराल में नदी के दोनों तटों को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। साथ ही बड़ी संख्या में पौधारोपण और इको पार्क से इसे सुसज्जित किया जाएगा। डीपीआर पर शीघ्र काम शुरू होगा।
राधाकृष्ण गमे, आयुक्त, नासिक मनपा

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इसलिए गोदावरी है दक्षिण की गंगा
गोदावरी के तट पर सनातन धर्म संस्कृतिका विकास हुआ मना जाता है। यहीं यज्ञ वेत्ता ऋषि-मुनियों ने वास्तव्य किया एवं भगवान रामचंद्रजी ने सीता सहित 12 वर्ष निवास किया। गोदावरी का इतिहास उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय संस्कृतियों के संगम का इतिहास है। गौतमी अर्थात गोदावरी को साक्षात गंगा माना गया है। इसे सरस्वती के समान ही नदी-तमा, अर्थात सर्वश्रेष्ठ नदी बताया गया है। स्तुतियों में इसेगंगासर्वपापक्षालन करनेवाली और मोक्षदायिनी कहा गया है। यह गोदा सुखदा और सुकृता है। जिस तरह राजा भगीरथ ने भागीरथी द्वारा सहस्रों सगर पुत्रोंका उद्धार किया उसी तरह गौतम ऋषी के आशीर्वाद से गोदावरी ने महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए किया।