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LPG Crisis: सिलेंडर ले जाने वाले वाहनों को पुलिस सुरक्षा, राज्यभर में कंट्रोल रूम- महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

LPG Gas Shortage Update: महाराष्ट्र की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। बाजार की मांग को पूरा करने के लिए रोजाना रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन बढ़ाकर करीब 11,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 13, 2026

LPG Gas Shortage Mumbai

पूरे राज्य में एलपीजी सप्लाई की निगरानी का आदेश (Photo: IANS/File)

मिडल ईस्ट में भीषण संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच महाराष्ट्र सरकार ने रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पूरे महाराष्ट्र में कंट्रोल रूम स्थापित करने और जिला स्तर पर विशेष समितियां गठित करने का फैसला किया है, ताकि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई बिना किसी रुकावट जारी रहे।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। एलपीजी सिलेंडर लेकर जाने वाले वाहनों और गैस एजेंसियों को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सौंपी गई है।

पूरे राज्य में एलपीजी सप्लाई की निगरानी

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल डिग्गीकर ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि राज्यभर में एलपीजी वितरण की लगातार निगरानी की जाए। साथ ही गैस की आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मार्च महीने में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक है। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला स्तर पर बनेगी विशेष समिति

गैस सप्लाई में संभावित व्यवधान को रोकने और आपात स्थिति में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में विशेष समितियां बनाई जाएंगी।

इन समितियों में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी और सरकारी गैस कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे। इनकी जिम्मेदारी एलपीजी सप्लाई चेन की निगरानी करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और रोजाना स्थिति की रिपोर्ट सरकार को भेजना होगी।

मुंबई-ठाणे के लिए अलग समिति

मुंबई-ठाणे राशनिंग क्षेत्र के लिए अलग समिति बनाई जाएगी, जो राशनिंग कंट्रोलर के नेतृत्व में काम करेगी। इस समिति में पुलिस के डिप्टी कमिश्नर और डिप्टी कंट्रोलर (राशनिंग) शामिल होंगे।

मुंबई और ठाणे के सभी पुलिस उपायुक्तों के साथ समन्वय का काम जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (प्रशासन) करेंगे।

अस्पताल और स्कूलों को प्राथमिकता

सरकार ने साफ किया है कि अस्पतालों, सरकारी छात्रावासों, सरकारी स्कूल-कॉलेजों की मेस, मिड-डे मील योजना और आश्रम स्कूलों जैसी आवश्यक सेवाएं देने वाले संस्थानों को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

इन संस्थानों की सूची तैयार कर अलग प्राथमिकता आदेश लागू किया जाएगा ताकि इन सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए।

कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

राज्य, संभाग, जिला और तालुका स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए व्हाट्सऐप सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग आसानी से अपनी समस्या दर्ज करा सकें।

तेल कंपनियों को गैस बुकिंग ऐप और मिस्ड कॉल सेवाओं में आने वाली तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रतिदिन हो रहा 11000 मीट्रिक टन LPG उत्पादन

महाराष्ट्र में एलपीजी की औसत दैनिक मांग लगभग 9,000 मीट्रिक टन (MT) है। इस मांग को पूरा करने के लिए पिछले दो दिनों में रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाकर करीब 11,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है।

राज्य की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और बाजार की मांग को पूरा करने के लिए रोजाना लगभग 15,000 किलोलीटर पेट्रोल और 38,000 किलोलीटर डीजल का उत्पादन किया जा रहा है। इसके अलावा घरेलू उपयोग के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध बताया गया है।

वैकल्पिक ईंधन पर भी विचार

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर कोयला या केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की संभावना पर भी विचार किया जाए। हालांकि इसके लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी पर्यावरणीय नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

जिला समितियां होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों के साथ बैठकें भी करेंगी, ताकि जहां संभव हो वहां वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके।

अफवाहों से रहें सावधान

महाराष्ट्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैस या ईंधन की आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक या फर्जी खबरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि राज्य में ईंधन और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम लोगों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।